हरिद्वार(अनिल शीर्षवाल)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में फेक करेंसी गिरोह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में हरिद्वार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पंजाब से नकली नोट बनाने और सप्लाई करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल ₹1,10,000 के नकली नोट, एक प्रिंटर तथा एक कार बरामद की है।
गौरतलब है कि छह जुलाई को कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस ने सरजीत सिंह, टिंकू, सुमित कुमार और संजीव कुमार को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹84,500 के नकली नोट बरामद किए थे। इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया था।
मामले की गहन जांच के दौरान पुलिस ने न्यायिक अभिरक्षा में बंद टिंकू और सुमित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम पंजाब पहुंची, जहां पवन कुमार को ₹5,000 के नकली नोटों के साथ बापू दा ढाबा, पठानकोट हाईवे के पास से गिरफ्तार किया गया। वहीं सुखबीर सिंह को ₹1,00,000 के नकली नोट, नकली नोट छापने में प्रयुक्त प्रिंटर और वरना कार सहित दबोच लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी असली ₹50,000 के बदले ₹1,00,000 के नकली नोट देकर अवैध मुनाफा कमाते थे। पवन कुमार ढाबे की आड़ में और सुखबीर सिंह कपड़ों के कारोबार की आड़ में नकली नोटों का धंधा चला रहे थे।
पुलिस के अनुसार सुखबीर सिंह वर्ष 2020 में बैंक फ्रॉड और वर्ष 2024 में जाली करेंसी रखने के मामले में पंजाब की जेल जा चुका है, जबकि पवन कुमार वर्ष 2022 में एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल गया था। जेल में ही दोनों की दोस्ती हुई और उन्होंने नकली नोटों का कारोबार शुरू करने की योजना बनाई।
पुलिस दोनों आरोपियों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की गई है।




