हरिद्वार(ब्यूरों)। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित निशुल्क विशेष रेल यात्रा में हरिद्वार के यात्रियों के साथ कथित भेदभाव का मामला मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच गया है। प्रभावित यात्रियों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को हर्रावाला रेलवे स्टेशन से गुजरात स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष निशुल्क रेल यात्रा रवाना की गई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया था। हरिद्वार से चयनित यात्रियों को बस के माध्यम से हर्रावाला रेलवे स्टेशन ले जाया गया था।
आरोप है कि हरिद्वार की एक महिला यात्री सृष्टि को उसके छोटे बच्चे के साथ बस से उतार दिया गया और यह कहा गया कि छोटे बच्चों को यात्रा की अनुमति नहीं है। महिला और उसके परिजनों द्वारा अधिकारियों से अनुरोध किए जाने के बावजूद उन्हें यात्रा में शामिल नहीं किया गया, जिसके बाद उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि रेलवे स्टेशन और ट्रेन में अन्य जिलों से आई कई महिला यात्रियों के साथ उनके छोटे बच्चे भी यात्रा कर रहे थे। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री द्वारा एक बच्चे को गोद में लेकर स्नेह जताने की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिन्हें सूचना विभाग ने भी जारी किया था। ऐसे में हरिद्वार के यात्रियों को यात्रा से वंचित किया जाना भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है।
पीड़ित सृष्टि और जितेंद्र ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत में कहा है कि यदि अन्य जिलों के यात्रियों के बच्चों को यात्रा की अनुमति दी गई थी तो उन्हें क्यों रोका गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब यह मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुका है और शिकायतकर्ताओं को जांच के बाद उचित कार्रवाई की उम्मीद है।
