‘विकसित उत्तराखण्ड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सुनीं उद्यमियों, किसानों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों की सफलता की कहानियां
देहरादून(अनिल शीर्षवाल)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और उद्यमिता के बल पर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकें।
मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में नियोजन विभाग और देवभूमि डायलॉग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘विकसित उत्तराखण्ड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले उद्यमियों, नवाचारकर्ताओं, प्रगतिशील किसानों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के अनुभव सुने तथा उनके प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तराखण्ड निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए पर्यटन, ऊर्जा, कृषि, तकनीक, उद्योग और स्वरोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय पर्यटन और ऊर्जा को विकास के प्रमुख आधार के रूप में देखा गया था। आज पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और यहां रोजगार एवं स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। ऊर्जा क्षेत्र में भी पिछले पांच वर्षों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं तथा अनेक परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या पिछले पांच वर्षों में लगभग 700 से बढ़कर 1700 से अधिक हो गई है। यह युवाओं की उद्यमशीलता और राज्य में नवाचार के बढ़ते अवसरों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा कृषि, तकनीक और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए प्रयोग कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
एक गाय से डेयरी व्यवसाय, तो कहीं 10 करोड़ रुपये का कारोबार
संवाद कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभागियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। चम्पावत के राहुल नरियाल ने सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाली कार तैयार करने की जानकारी दी। उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने बताया कि उन्होंने एक गाय से डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की थी। सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आज उनके पास पांच बद्री गाय और आठ देशी गाय हैं।

पौड़ी के नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन और इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की जानकारी दी। ऊधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ स्टार्टअप संचालित कर रहे हैं, जिसका कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है।
चमोली के राजेश ने गांव लौटकर रिवर्स पलायन की मिसाल पेश की है। वह रोजमेरी और अन्य हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं तथा स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं, नैनीताल की कमला देवी वाहनों के टायरों की मरम्मत का कार्य कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।
चमोली के डॉ. हरपाल नेगी ने बताया कि उन्होंने घेस क्षेत्र में कुटकी जैसी औषधीय वनस्पतियों की खेती के लिए स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित किया। वर्तमान में 300 से अधिक लोग इस कार्य से जुड़े हैं और सामूहिक रूप से लगभग डेढ़ से दो करोड़ रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं।
स्थानीय उत्पादों और नवाचार से आत्मनिर्भरता पर जोर
सोमेश्वर के ललित खाती ने एकीकृत कृषि प्रणाली के माध्यम से रोजगार सृजन के प्रयासों की जानकारी दी। सिंगापुर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े टनकपुर मूल निवासी शैलेश ने चम्पावत के एक गांव को गोद लेकर उसके विकास में सहयोग देने की इच्छा जताई। वह सिंगापुर में सीवरेज जल शोधन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।
वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं अनीता शर्मा थपलियाल ने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने देहरादून में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मनी में रोजगार प्राप्त करने वाली टिहरी की सपना राणा ने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में कार्य करने का अवसर मिला।
इसके अलावा पिरूल से उपयोगी उत्पाद तैयार करने वाली गीता पंत और सुमन पांथरी, बागवानी के क्षेत्र में कार्य कर रहे महाबल नेगी तथा मोटे अनाज से बने उत्पादों की बेकरी संचालित करने वाली कल्पना बिष्ट सहित अन्य प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
प्रतिभाओं के प्रयास दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत: धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवाचार और स्वरोजगार के प्रयास अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उत्तराखण्ड के प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों और युवाओं की प्रतिभा का बेहतर उपयोग कर आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।
कार्यक्रम में देवभूमि डायलॉग के संपादक रमेश भट्ट ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो प्रस्तुतीकरण दिया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर अवधूत गिरि महाराज, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं सी. रविशंकर, अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


