हरिद्वार(अनिल शीर्षवाल)। विकास भवन हरिद्वार में हुई एक मुलाकात ने ग्रामीण को 17 लाख रुपये के भारी छल में झोंक दिया। हिरनाखेड़ी निवासी प्रीतम सिंह ने लक्सर कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि मुण्डाखेड़ा कला निवासी मछला पत्नी पप्पू सिंह व उसके परिजनों ने बॉम्बे कंपनी की ओर से जमीन खरीदने का झांसा देकर उससे रुपये ठग लिए।
प्रीतम के अनुसार मछला ने पहले विकास भवन में बातचीत के दौरान उसका मोबाइल नंबर लिया और कुछ दिन बाद फोन कर बताया कि उसकी जान पहचान एक बॉम्बे स्थित कंपनी से है, जिसे 80 बीघा जमीन की जरूरत है। कंपनी का ऑनर बनाने और सौदा पक्का कराने के नाम पर उसे अपने गांव में जमीन दिखाने को कहा गया।
आरोप है कि इसके बाद मछला, टीटू पुत्र पप्पू सिंह, नन्नू उर्फ शुभम पुत्र पप्पू सिंह समेत अन्य लोगों ने तीन बार में उससे कुल 17 लाख रुपये नकद ले लिए। पीडि़त ने बताया कि उसने यह रकम 10 लाख राकेश पुत्र छतर सिंह तथा 7 लाख वीरेंद्र पुत्र पहल सिंह से उधार लेकर दी थी।
पीडि़त ने यह भी बताया कि मछला ने उससे 100 रुपये के स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवाए और आधार कार्ड भी ले लिया। इसके बाद उसे ऋषिकेश और हल्द्वानी ले जाकर मनीष ओबराय, कंपनी जीएम सतीश गौतम और आयुष कुमार नाम के व्यक्तियों से मिलवाया गया, जिन पर गिरोह बनाकर ठगी करने का आरोप लगाया गया है।
पैसे वापस मांगने पर महिला ने पीडि़त को धमकाते हुए कहा कि दोबारा रुपये मांगने आया तो जान से मरवा देगी और झूठे मुकदमे में फंसा देगी। रुपये न मिलने और लगातार डर के माहौल के चलते वह तनाव में है।
इस मामले में लक्सर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक लोकपाल परमार ने बताया पीडि़त प्रीतम की ओर से मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोप गंभीर हैं, मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका खंगाली जा रही है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

