हरिद्वार(नीति शर्मा)।बसंत पंचमी के पावन अवसर पर जनपद हरिद्वार में शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव पहल की ऑनलाइन शुरुआत की गई। यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं ऊर्जावान शिक्षामंत्री श्री धन सिंह रावत के कुशल नेतृत्व में सुलभ शिक्षा के आभासी प्रकल्प ‘मिशन ज्ञान गंगा’ का शुभारंभ किया गया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा के मार्गदर्शन तथा नोडल अधिकारी/डायट प्राचार्य श्री मेराज अहमद जी के समन्वय से ‘मिशन ज्ञान गंगा’ के अंतर्गत सुलभ शिक्षा का आभासी पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ किया गया।
इस परियोजना का उद्देश्य कक्षा 3 से 12 तक के विद्यार्थियों को कठिन विषयों की जटिल अवधारणाओं को सरल, रोचक एवं गुणवत्तापूर्ण वीडियो शिक्षण के माध्यम से समझाना है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप सभी विद्यार्थियों तक समान, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि मिशन ज्ञान गंगा के अंतर्गत विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए संकल्पना-आधारित वीडियो कंटेंट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों में विषय के प्रति समझ, आत्मविश्वास एवं सीखने की रुचि विकसित होगी। यह कंटेंट शिक्षकों के लिए भी सहायक सिद्ध होगा और कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाएगा।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि यह परियोजना हरिद्वार को शैक्षिक नवाचार के मॉडल जनपद के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। वहीं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा जी ने इसे प्रदेश में एक अभिनव शैक्षिक प्रयोग बताते हुए अन्य जनपदों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।
डायट प्राचार्य मेराज अहमद ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के आधार पर इस योजना को आगे और विस्तार दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
‘मिशन ज्ञान गंगा’ केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि शिक्षा को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है—जिसका उद्देश्य सशक्त शिक्षक, सशक्त विद्यार्थी और सशक्त समाज का निर्माण करना है।
टीम ‘मिशन ज्ञान गंगा’ में शामिल सदस्य
मेराज अहमद – प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, रुड़की (नोडल अधिकारी),नरेंद्र सिंह वालिया – प्रवक्ता, डायट, राजीव आर्य – प्रवक्ता, डायट, अनिल धीमान – प्रवक्ता, डायट
,डॉ. अनिता सिंह – प्रवक्ता, डायट, संजय शर्मा – सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बेडपुर,राजीव कुमार शर्मा – सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, इमलीखेड़ा,अमरीन नाज – सहायक अध्यापिका, राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-11, मंगलौर, हेमेंद्र चौहान – सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, चौली भगवानपुर कविता शर्मा – अतिथि शिक्षक, गुलाब शाहपीर इंटर कॉलेज, रुड़की मौजूद हैं.


