हरिद्वार(अनिल शीर्षवाल)। कोतवाली रानीपुर पुलिस ने एक ऐसी वारदात का पर्दाफाश किया है जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। महज एक मोबाइल के लिए दो दरिंदों ने एक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस टीम ने एक आरोपी को अरेस्ट कर लिया है जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि थाना रानीपुर पर एक व्यक्ति रामआसरे पुत्र नाथूराम निवासी म0न0 114 विष्णुलोक कालोनी रानीपुर हरिद्वार द्वारा अपने विकलांग पुत्र मनीष उम्र 38 वर्ष की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
गुमशुदा की तलाश में जुटी पुलिस टीम के जाँच पड़ताल में यह बात सामने आई कि गुमशुदा मनीष का मोबाइल फोन पाँवधोई मोहल्ला ज्वालापुर का रहने वाला अयान उर्फ सुन्नत नामक लडका बैरियर नम्बर-05 के पास काल करने के लिये लिया और फिर लेकर भाग गया और मोबाइल स्विच आफ कर दिया। पुलिस टीम द्वारा कल बीएचईएल स्टेडियम से संदिग्ध अयान उर्फ सुन्नत को दबोचकर उसके कब्जे से गुमशुदा मनीष का मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया। पूछताछ करने पर आरोपी अयान उर्फ सुन्नत ने बताया कि कुछ दिन पहले बिष्णुलोक कालोनी जाने वाले कच्चे रास्ते के पास से उसने गुमशुदा मनीष से कॉल करने के बहाने मोबाइल मांगा और अंधेरे का फ़ायदा उठा कर भाग गया।जिसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ़ कर सिम तोड़ दिया। जब मृतक मनीष ने अयान उर्फ सुन्नत के घर जाकर शिकायत की और पुलिस में जाने की धमकी दी, तो अयान ने अपने साथी बिलाल (जो हाल ही में जेल से छूटा था) के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची।
आरोपियों ने मृतक मनीष को शराब पीने के बहाने बीएचईएल के पास झाड़ियों में बुलाया जहाँ विवाद होने पर बिलाल ने मनीष को पकड़ा और अयान ने गला घोंटकर उसकी जान ले ली। साक्ष्य मिटाने के लिए शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर सुपरवाइजर हॉस्टल के पास झाड़ियों में फेंक दिया और ई-रिक्शा लावारिस छोड़कर फरार हो गए। हत्यारोपी अयान उर्फ सुन्नत की निशांदेही पर मृतक मनीष का शव सुपरवाईजर हास्टल बीएचईएल के पास स्थित झाडियो से बरामद किया गया। हत्यारोपी अयान उर्फ सुन्नत पुत्र मेहराज निवासी कुत्तीमार गली ईदगाह रोड़ मोहल्ला पांवधोई कोतवाली ज्वालापुर का चालान कर दिया है।

