पिरान कलियर(श्रवण गिरी)। हरिद्वार जनपद के पिरान कलियर क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) की आड़ में चल रहे इस गोरखधंधे का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज, फर्जी मोहरें, आधार कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार ने बताया कि वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुनील दत्त पंत पुलिस टीम के साथ मेला ग्राउंड, चारमीनार क्षेत्र में अपराध रोकथाम एवं सत्यापन अभियान चला रहे थे। इसी दौरान एलआईयू कलियर यूनिट के एसआई कबूल चन्द व कॉन्स्टेबल सुनील जोशी ने सूचना दी कि अलीशान होटल के समीप अब्दाल कालोनी एक दुकान में एक युवक सीएससी की आड़ में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर रहा है।सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और दुकान के बाहर “शाहिदा मानवाधिकार जनसेवा केंद्र” का बोर्ड लगा हुआ था। पुलिस ने मौके से एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जिसने अपना नाम शाहनवाज आलम पुत्र प्यारे मूल निवासी जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) एवं हाल निवासी पिरान कलियर, हरिद्वार बताया और दुकान की तलाशी के दौरान पुलिस को कई जन्म प्रमाण पत्र बरामद हुए। जांच में पाया गया कि अनेक प्रमाण पत्रों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था। कई दस्तावेजों पर उत्तराखंड सरकार, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा नगर निगम रुद्रपुर की मोहरें लगी थीं। हस्ताक्षर संदिग्ध पाए जाने पर नगर पंचायत पिरान कलियर के अधिशासी अधिकारी से सत्यापन कराया गया।जहां प्रथम दृष्टया प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।कुछ प्रमाण पत्रों पर दो-दो अलग-अलग कार्यालयों की मोहरें लगी थीं, जबकि पंजीकरण तिथि समान और हस्ताक्षर अलग-अलग थे, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।पुलिस ने मौके से 45 रिक्त जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रपत्र,07 अलग-अलग फर्जी मोहरें (Government Approved, Human Rights Council आदि नामों से),06 आधार कार्ड विभिन्न व्यक्तियों के नाम से,एक लेनोवो लैपटॉप (चार्जर, माउस व की-बोर्ड सहित) एक रेडमी मोबाइल फोन भी बरामद किया हैं।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गूगल के माध्यम से जन्म प्रमाण पत्र का प्रारूप डाउनलोड कर पीडीएफ तैयार करता था और प्रिंट किसी अन्य दुकान से निकलवाता था। इसके बाद तैयार दस्तावेज लोगों को असली बताकर मोटी रकम वसूलता था। आरोपी में बताया कि किया कि कुछ अन्य लोग भी इस कार्य में सहयोग कर रहे थे।पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें असली के रूप में प्रयोग के लिए उपलब्ध कराता था। बरामद अधिकांश प्रमाण पत्र हरिद्वार जनपद के लोगों के नाम से तैयार किए गए थे।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। साथ ही इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।टीम में थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार,एसएसआई सुनील पंत, एसआई उपेंद्र सिंह,रविन्द्र बालियान, जितेंद्र सिंह, नीरज राणा,सीआईयू रुड़की से एएसआई अश्विन कुमार और एलआईयू की टीम शामिल रहे।


