हरिद्वार(विनय सैनी)। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर श्री दक्षिण काली मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त मां श्री दक्षिण काली के दर्शन-पूजन के साथ निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी से आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तिभाव, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण बना हुआ है।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि नवरात्र का चौथा दिन मां कूष्मांडा की उपासना को समर्पित है। उन्होंने बताया कि आदिशक्ति मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचयिता माना जाता है। जब चारों ओर घोर अंधकार था और सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब माता ने अपनी मंद मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की, इसी कारण उन्हें कूष्मांडा कहा जाता है।
स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि मां कूष्मांडा सूर्य मंडल के भीतर निवास करती हैं और अपने भक्तों को अभय का वरदान देती हैं। नवरात्र में उनकी आराधना से साधक के जीवन में संतुलन, सृजन और सकारात्मकता का संचार होता है। उनके आशीर्वाद से रोग, भय और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है तथा परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।
उन्होंने कहा कि मां की कृपा से साधक के अंतःकरण में नई ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है, जिससे व्यक्ति अपने लक्ष्य की ओर दृढ़ता के साथ अग्रसर होता है। नवरात्र के इन पावन दिनों में श्रद्धालु पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

