देहरादून(एच एस सैनी)। विश्व संवाद केंद्र, देहरादून के तत्वावधान में रविवार को आई.आर.डी.टी. सभागार, सर्वे चौक में “नारद जयंती एवं पत्रकारिता दिवस समारोह” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। समारोह का मुख्य उद्देश्य पत्रकारिता के मूल्यों को पुनर्स्मरण कराते हुए समाज में सकारात्मक, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत आदि पत्रकार देवर्षि नारद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराते हुए आयोजकों ने पत्रकारिता के महत्व और वर्तमान परिदृश्य में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। उत्तरकाशी से प्रताप रावत, वरिष्ठ साहित्यकार सोमवारी लाल उनियाल, ईटीवी के ब्यूरो चीफ किरण कांत शर्मा, दैनिक जागरण देहरादून से आश्विनी त्रिपाठी, रुड़की से नितिन कुमार, न्यूज़ स्टेट के हेड संचित शर्मा, थराली प्रेस क्लब के अध्यक्ष राकेश सती तथा अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार आफताब अजमत सहित कई प्रिंट व डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई।

इस अवसर पर “हिमालय हुंकार” पत्रिका के विशेषांक का विमोचन भी किया गया। पत्रिका के संपादक शाक्त ध्यानी ने “हिन्दू जागरण के सौ वर्ष” विषय पर आधारित इस विशेषांक की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शिव प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि देवर्षि नारद को विश्व का आदि पत्रकार माना जाता है, जिन्होंने संवाद के माध्यम से लोककल्याण का कार्य किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त साधन भी है। बदलते दौर में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है, जिसका उपयोग सकारात्मक और राष्ट्रहितकारी दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अशोक बिंदलस ने पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से बदलाव आया है, ऐसे में उसकी विश्वसनीयता और नैतिकता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
आयोजन को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों की अहम भूमिका रही। अध्यक्ष सुरेन्द्र मित्तल, सचिव राजकुमार टांक तथा ‘हिमालय हुंकार’ के संपादक रणजीत सिंह ज्याला सहित सभी सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सक्रिय योगदान दिया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह का संचालन अनुशासित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने पत्रकारिता के प्रति सम्मान और जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ किया।


