हरिद्वार(नीति शर्मा)। राज्य मंत्री सुनील सैनी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और आदर्शों से प्रेरित भारतीय जनता पार्टी ने समय के साथ एक मजबूत वैचारिक और संगठनात्मक पहचान विकसित की है। राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक पहचान और जनसंपर्क पर जोर देते हुए भाजपा ने देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी उपस्थिति मजबूत की है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा का मजबूत उदय पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक शक्ति का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा ने योजनाबद्ध तरीके से पश्चिम बंगाल में अपनी जड़ें मजबूत करने का कार्य किया। भाजपा केवल चुनावी स्तर पर ही नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर भी लगातार कार्य करती रही, जिससे हर वर्ग तक उसकी पहुंच बनी और नए कार्यकर्ता संगठन से जुड़े।
सुनील सैनी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी “सेवा ही संगठन” के विचार पर कार्य करने वाला एकमात्र राजनीतिक दल है। पार्टी ने जनता के बीच संवाद और संपर्क को मजबूत करते हुए सामाजिक समीकरणों, स्थानीय मुद्दों और जनता की भावनाओं को ध्यान में रखकर अपनी कार्य योजना तैयार की, जिसका सकारात्मक प्रभाव चुनावी परिणामों में देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने वर्ष 2011 में “मां, माटी, मानुष” के नारे के साथ पश्चिम बंगाल की सत्ता में स्थान बनाया था। हालांकि समय के साथ भ्रष्टाचार, हिंसा, राजनीतिक अस्थिरता, महिलाओं की सुरक्षा और सीमा पार से अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर लगातार सवाल उठते रहे। विपक्ष ने इन मुद्दों को प्रमुखता से जनता के बीच उठाया।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सफलता केवल चुनावी परिणाम नहीं बल्कि व्यापक राजनीतिक बदलाव का संकेत है। लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णायक होती है और मतदाता समय-समय पर अपने फैसलों से सत्ता की दिशा तय करते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता बंगाल के विकास और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है।

