हरिद्वार(नीति शर्मा)। जनपद हरिद्वार में मां गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता को बनाए रखने को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। जिला गंगा संरक्षण समिति की 73वीं बैठक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार एवं प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मां गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने के लिए किसी भी स्थिति में गंगा नदी में कूड़ा-कचरा न जाने दिया जाए। उन्होंने घाटों पर लगातार निगरानी रखने तथा गंगा नदी को प्रदूषित करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय नागरिकों एवं तीर्थयात्रियों द्वारा गंगा नदी में कूड़ा-कचरा एवं कपड़े न फेंके जाएं, इसके लिए सभी घाटों पर नगर निगम द्वारा साइन बोर्ड लगाए जाएं तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।
बैठक में हरकी पैड़ी क्षेत्र के घाटों एवं पुलों पर अतिक्रमण रोकने के लिए नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही हरिद्वार शहर एवं हरकी पैड़ी क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक और पन्नी के उपयोग पर सख्ती बरतते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने क्षतिग्रस्त घाटों की सूची तैयार कर नगर निगम को उपलब्ध कराने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए जिन पुलों पर जाली लगाई जानी है, वहां शीघ्र कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में सीवरेज सेफ्टी टैंकरों के संचालन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित सभी सीवरेज सेफ्टी टैंकरों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण एवं सत्यापन कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण और सत्यापन के कोई भी टैंकर संचालित नहीं होना चाहिए। साथ ही नालियों में सीवरेज डालने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अतिरिक्त नगर निगम एवं सिंचाई विभाग को नालियों की साफ-सफाई प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए, ताकि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।
बैठक में सिंचाई विभाग, पेयजल निगम, खाद्य सुरक्षा विभाग, नमामि गंगे, जिला आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।



