हरिद्वार(नीति शर्मा)। हरियाणा से बेटी की शादी के लिए हरिद्वार आई एक महिला का दो लाख से अधिक नकदी से भरा बैग ढूंढकर ज्वालापुर कोतवाली की पुलिस ने चेहरे पर खुशी लौटा दी। महिला अपना बैग ई-रिक्शा में भूल गई थी।
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने से लेकर ई-रिक्शा यूनियन कार्यालयों पर संपर्क किया। अच्छी बात यह रही कि ई-रिक्शा चालक भी महिला को ढूंढ रहा था बैग मिलने पर महिला ने हाथ जोड़कर पुलिस को धन्यवाद दिया।
पुलिस के मुताबिक, तीन फरवरी को रोहतक हरियाणा निवासी एक महिला ने ज्वालापुर कोतवाली पहुंचकर बताया कि वह होटल मधुबन, रानीपुर में बेटी की शादी के सिलसिले में ठहरी है।
बस अड्डे से ई-रिक्शा में रानीपुर मोड़ पहुंचने के दौरान उतरते समय उसका बैग उसी रिक्शा में छूट गया। बैग में शादी के लिए रखे करीब दो लाख रुपये और निजी खर्च के 16 हजार रुपये थे। न तो ई-रिक्शा का नंबर याद था और न ही चालक का नाम व हालात बेहद मुश्किल थे।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए एसएसआई खेमेन्द्र गंगवार नेतृत्व में टीम गठित की।
घनी आबादी वाले ज्वालापुर क्षेत्र में बिना नंबर और बिना पहचान वाले ई-रिक्शा को तलाशना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। टीम ने सुरागरसी-पतारसी के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच शुरू की।
ज्वालापुर क्षेत्र के साथ-साथ हरिद्वार जनपद के ई-रिक्शा स्टैंड और बस स्टैंड खंगाले गए। आखिरकार सीसीटीवी फुटेज की मदद से उस ई-रिक्शा और चालक की पहचान कर ली गई, जिसके पास से महिला का बैग सकुशल बरामद हुआ।
पीड़ित चालक ने पुलिस को बताया कि वह स्वयं महिला की तलाश में था, ताकि बैग उसे लौटा सके।
बरामद बैग महिला के सामने खोला गया, तो उसमें पूरे 2.16 लाख रुपये सुरक्षित पाए गए। पुलिस टीम में कांस्टेबल नवीन क्षेत्री, संदीप कुमार व महिला कांस्टेबल रीता रावत शामिल रही।

