हरिद्वार(गणपत सिंह)। निकटवर्ती गांव गढ़मीरपुर में सात दिवसीय मोक्षदाय ने श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है कथा में द्वितीय दिवस कथा व्यास आचार्य विजयकांत भारद्वाज ने धुंधुवी एवं गोकर्ण की कथा का अमृत पान कराया।
उन्होंने कहा कि इस कालि काल में भागवत कथा का अमृत पान मोक्ष प्रदान करता है। मनुष्य को सदैव सद मार्ग पर चलते हुए सत्कर्म करने चाहिए। उन्होंने कहा कहा कि सृष्टि के समस्त जीवन एवं वनस्पतियों में ईश्वर का अंश है। सभी जीव योनियों में मनुष्य योनि ही सर्वश्रेष्ठ है। मनुष्य को इस चराचर की सभी जीवो एवं वनस्पतियों का संरक्षण करना चाहिए। सभी की रक्षा करनी चाहिए। जो व्यक्ति केवल अपने लिए जीता है। वह पशु के समान होता है। क्योंकि पशु ही केवल अपने लिए जीता है।
कथा से पूर्व यजमान सुभाष सैनी ने कथा व्यास का माल्यार्पण एवं तिलक कर स्वागत किया।
इस मौके पर गणपत सिंह, राजेश प्रधान, अमन सैनी, अनिल सैनी, अशोक कुमार, अश्वनी सैनी, प्रमोद कुमार, सतीश पांडा, वेदपाल सैनी, नितेश कुमार, होनेश कुमार, अमरीश कुमार, संदीप राणा, विकास सैनी, नरेश कुमार आदि सैकड़ो भक्तगाण कथा का अमृत पान कर भाव विभोर हो गए।



