हरिद्वार(ब्यूरों)। महंत रघुवंशपुरी कोरादेवी ट्रस्ट में आर्थिक अनियमितताओं और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ट्रस्ट के सचिव और ट्रस्टी विशाल शर्मा ने ज्वालापुर कोतवाली में शिकायत कर दंपति और उनके बेटे के खिलाफ ट्रस्ट की संपत्ति हड़पने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और 50 लाख रुपये गबन का आरोप लगाया है।
इंस्पेक्टर कुंदन सिंह राणा के मुताबिक ट्रस्टी विशाल शर्मा ने शिकायत कर बताया कि महंत रघुवंशपुरी कोरादेवी ट्रस्ट एक निजी ट्रस्ट है, जिसमें सात ट्रस्टी विधिवत रूप से कार्यरत हैं। इनमें विशाल शर्मा, कीर्तिकांत शर्मा, अंशु शर्मा, कोमल चौधरी, अचिंत भटनागर, डॉ. भरत तिवारी और शैल तिवारी शामिल हैं। बताया कि ट्रस्ट का प्रत्येक निर्णय बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर लिया जाता है।
ट्रस्टी विशाल ने आरोप लगाया कि डॉ. भरत तिवारी ने वर्ष 2021 और 2022 के बीच ट्रस्ट के खाते से करीब 50 लाख रुपये की धनराशि अपने और अपने पुत्र के खातों में स्थानांतरित की थी। इसमें 8 सितंबर 2021 और 3 नवंबर 2021 को 32 लाख रुपये, 16 अगस्त 2022 को तीन लाख रुपये, और 10 दिसंबर 2021 को 15 लाख रुपये नकद के रूप में प्राप्त किए गए थे। आरोप है कि जब ट्रस्ट को कार्यों के लिए धन की आवश्यकता पड़ी, तो डॉ. भरत तिवारी से यह राशि लौटाने के लिए कहा गया। लेकिन उन्होंने रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया और ट्रस्ट सदस्यों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी।
