देहरादून(अनिल शीर्षवाल)। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित जनपद स्तरीय संस्कृत छात्र प्रतियोगिताओं का भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ समापन हो गया, प्रतियोगिताओं में इस बार अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की छात्राओं ने भी बाजी मारी है।
प्रतियोगिताओं के संयोजक आचार्य आसाराम मैठाणी ने बताया कि जनपद के छह विकासखंडों में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कल टीमों ने जनपद में प्रतिभाग किया, जिसमें प्रतियोगिताओं में पहला स्थान प्राप्त कर सेपियंस स्कूल विकास नगर की छात्राओ ने बाजी मारते हुए अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का दबदबा बनाया।
संयोजक ने बताया कि वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताओं में समूह गान में सेपियंस स्कूल विकास नगर की छात्राओं ने प्रथम स्थान, आर्ष कन्या गुरुकुल ने द्वितीय स्थान और आरष गुरुकुल पौधा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि संस्कृत नाटक में राजकीय इंटर कॉलेज पटेल नगर ने प्रथम स्थान सनातन धर्म इंटर कॉलेज ने द्वितीय स्थान तथा श्री नेपाली संस्कृत विद्यालय ऋषिकेश ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। संस्कृत नृत्य में कन्या गुरुकुल महाविद्यालय देहरादून ने प्रथम स्थान, कैंट कन्या इंटर कॉलेज ने द्वितीय स्थान और अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज त्यूनी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। आशुभाषण में आर्ष कन्या गुरुकुल महाविद्यालय देहरादून ने प्रथम स्थान, आर्ष दयानंद पौधा ने द्वितीय स्थान एवं श्री दयाराम संस्कृत महाविद्यालय ऋषिकेश ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।श्लोकोच्चारण में श्री वेद महाविद्यालय ऋषिकेश ने प्रथम स्थान , गुरु राम राय इंटर कॉलेज ने द्वितीय स्थान और आर्ष कन्या गुरुकुल महाविद्यालय ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। संस्कृत वाद-विवाद प्रतियोगिता मे आर्ष गुरुकुल पौधा ने प्रथम , वेद महाविद्यालय ऋषिकेश ने द्वितीय तथा जयराम संस्कृत महाविद्यालय ऋषिकेश ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित छात्र-छात्राओं प्रधानाचार्यों ,शिक्षकों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल ने कहा कि द्वितीय राजभाषा संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए आयोजित इन प्रतियोगिताओं में बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिला है, और उस सीखे हुए ज्ञान को हमें सर्वत्र फैलाने का प्रयास करना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सहायक निदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने कहा कि हमेशा से देहरादून जनपद ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में सम्मानजनक स्थान प्राप्त किया है, उसको इस बार भी बनाए रखना है। उन्होंने हारने वाले बच्चों से कहा कि वह जीतने वालों से प्रेरणा लेकर अगले वर्ष के लिए अभी से तैयारी करें।
विशिष्ट अतिथि पूर्व राज्य मंत्री सुभाष जोशी ने कहा कि संस्कृत भाषा भारत का गौरव है, और उस गौरव को बनाए रखने के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताएं मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के संयोजक आचार्य आसाराम मैठाणी ने सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह, पुष्पगुच्छ और अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत करते हुए कहा कि जनपद में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमें दिसंबर में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेंगी।
मुख्य अतिथि , कार्यक्रम अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा विजेता टीमों को, निर्णायकों को एवं मार्गदर्शक दल शिक्षकों को नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित करने के साथ इन दो दिवसीय प्रतियोगिताओं का समापन हुआ। मौके पर सभी विकासखंडों के संयोजक, प्रधानाचार्य, प्राचार्य ,शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

