हरिद्वार(अनिल शीर्षवाल)।सनातन संस्कृति केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, पर्यावरण और जीव-जंतुओं के संरक्षण का शास्त्रीय विज्ञान भी है। इसी सोच को धरातल पर उतारने का कार्य हिन्दू हेरिटेज हरिद्वार एवं हिन्दू हेरिटेज स्वायत्त सहकारिता, जनपद हरिद्वार द्वारा किया जा रहा है, जहाँ गौ, गंगा और गोमय के माध्यम से संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा समन्वय देखने को मिल रहा है।
इन संस्थाओं द्वारा देशी गाय के गोबर से साम्ब्रानी कप, गौमय दीपक, गौमय हवन कंडे, उपले एवं धूपबत्ती जैसे अनेक शुद्ध एवं प्राकृतिक उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है।

विशेष बात यह है कि इन सभी उत्पादों का निर्माण पवित्र गंगा जल एवं गोबर से किया जाता है, जिससे ये न केवल धार्मिक दृष्टि से उपयोगी हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
शास्त्रों में गोबर को अत्यंत शुद्ध माना गया है। भारतीय परंपरा में गोमय को पवित्रता, सकारात्मक ऊर्जा तथा मां लक्ष्मी के आगमन का संकेत बताया गया है। पूजा, यज्ञ, हवन और गृह प्रवेश जैसे संस्कारों में गोबर का प्रयोग सदियों से होता आ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार गोबर से बने उत्पादों के उपयोग से वातावरण शुद्ध रहता है और प्रदूषण में कमी आती है।
संस्था का उद्देश्य केवल उत्पाद निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि गाय माता के संरक्षण और गौ रक्षा के प्रति समाज को जागरूक करना भी है। आज जब गौवंश उपेक्षा और असुरक्षा का सामना कर रहा है, ऐसे में यह पहल यह सिद्ध करती है कि गाय माता को आत्मनिर्भर बनाकर ही उनका स्थायी संरक्षण संभव है। गोबर से बने उत्पाद गौशालाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रहे हैं।

संस्था द्वारा निर्मित गौमय दीपक विशेष रूप से चर्चा का विषय है। श्रद्धा के साथ जब इस दीपक को मां गंगा में प्रवाहित किया जाता है, तो दीपक के जलने के बाद वह मछलियों के लिए प्राकृतिक चारे में परिवर्तित हो जाता है। इससे न तो गंगा प्रदूषित होती है और न ही जलीय जीवों को कोई नुकसान पहुंचता है।
इन संस्थाओं की संचालिका श्रीमती साक्षी सैनी निवासी अहमदपुर ग्रंट, विकास खण्ड बहादराबाद, जनपद हरिद्वार हैं। उन्होंने कम्प्यूटर साइंस से बीटेक की शिक्षा प्राप्त की है, लेकिन आधुनिक तकनीकी क्षेत्र के बजाय उन्होंने सनातन धर्म, गौ रक्षा और पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया।
हिन्दू हेरिटेज हरिद्वार की यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह प्रयास ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को साकार करता हुआ समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहा है।
गोमय उत्पादों से संबंधित जानकारी एवं संपर्क हेतु मोबाइल नंबर: 9759099956



