नई टिहरी(हरिशंकर सैनी)। संगठित हिन्दू समाज ही समर्थ और सुरक्षित भारत का सशक्त आधार है। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तराखण्ड के प्रान्त प्रचार प्रमुख संजय ने व्यक्त किए। अवसर था सरस्वती विद्या मंदिर, नई टिहरी के प्रांगण में सकल हिन्दू समाज द्वारा आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन का, जहां क्षेत्र के बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मातृशक्ति एवं युवाओं ने सहभागिता की।
मुख्य वक्ता संजय ने अपने ओजस्वी और प्रेरक संबोधन में संघ के शताब्दी वर्ष के भविष्य-दर्शन को विस्तार से रखा। उन्होंने धर्म जागरण का आह्वान करते हुए कहा कि हिन्दू समाज का संगठित और जागरूक रहना केवल सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब समाज अपने मूल संस्कारों से जुड़ा रहता है, तभी वह किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है।
अपने संबोधन में उन्होंने संघ द्वारा चलाए जा रहे पंच-परिवर्तन विषयों पर्यावरण संरक्षण, परिवार प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता एवं स्वदेशी जीवन शैली पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, सुदृढ़ पारिवारिक मूल्य, जिम्मेदार नागरिक भाव, जाति-भेद से ऊपर सामाजिक समरसता और स्वदेशी जीवन पद्धति को अपनाकर ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, जब परिवार संस्कारित होगा और समाज संगठित होगा, तभी भारत पुनः विश्व गुरु के पद पर आसीन होगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जूना अखाड़े के महामण्डलेश्वर स्वरूपानन्द यती जी ने उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने सनातन संस्कृति की रक्षा एवं संवर्धन के लिए युवाओं से आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि आज के समय में आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रबोध दोनों को साथ लेकर चलना आवश्यक है।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ दन्त चिकित्सक थपलियाल रहीं, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक मिश्रा ने की। दोनों अतिथियों ने अपने विचार रखते हुए समाज में संस्कार, सेवा और स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन में महिला शक्ति की गरिमामयी एवं सशक्त उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसने कार्यक्रम को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की। वहीं, बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समूचे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया और देशभक्ति का भाव जागृत किया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज में निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।


