हरिद्वार(सत्यम चौहान)।अशोक सिंघल सेवा धाम के अंतर्गत स्वामी ओम प्रकाश आनंद तीर्थ गंगा श्री जन सेवा न्यास द्वारा संचालित वात्सल्य वाटिका, बहादराबाद में मकर संक्रांति एवं सामाजिक समरसता कार्यक्रम का दिव्य एवं भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। वात्सल्य वाटिका के बच्चों द्वारा घोष वादन के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके पश्चात मां सरस्वती की वंदना की मधुर प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्रकल्प प्रबंधक प्रदीप कुमार मिश्रा ने मंचासीन अतिथियों का परिचय कराते हुए अशोक सिंघल के चित्र एवं शाल भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नितिन गौतम (प्रदेश अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद एवं अध्यक्ष, गंगा सभा हरिद्वार) ने की।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रशांत कुमार (सहायक श्रम आयुक्त, हरिद्वार), चंद्रशेखर (मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग, उत्तराखंड), राकेश (विभाग प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हरिद्वार), एन. गुप्ता एवं डॉक्टर अंबालिका की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राधेश्याम द्विवेदी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में राधेश्याम द्विवेदी ने कहा कि “बच्चे ही भारत का भविष्य हैं और उनके सर्वांगीण विकास के लिए समाज को अपना जीवन समर्पित करना चाहिए।” वहीं राकेश ने बच्चों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए सामाजिक समरसता कार्यक्रम की सराहना की।

वात्सल्य वाटिका के बच्चों ने अपनी सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया। इसी अवसर पर दिनांक 9 जनवरी 2026 से संचालित 25 संस्कार शालाओं के प्रशिक्षण वर्ग का समापन भी किया गया। प्रशिक्षण वर्ग में काशी से पधारी डॉक्टर अंबालिका (पर्यवेक्षिका) द्वारा शिक्षिकाओं को मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही डॉक्टर राधेश्याम द्विवेदी (संयुक्त क्षेत्र सेवा प्रमुख, उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश) एवं विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री अजय पारीक का मार्गदर्शन एवं सानिध्य प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर सभी शिक्षिकाओं को कंबल भेंट स्वरूप प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य अश्वनी शर्मा ने कुशलतापूर्वक किया।
कार्यक्रम में डॉ. नरेश मोहन, राजेश कुमार, नीता नैयर, विमलेश गौड़, पूनम मिश्रा, रवि जोशी, एल.आर. गुप्ता, तेलू राम प्रधान, मनीष चौहान, अचिंत्य मिश्रा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

