हरिद्वार(अनिल शीर्षवाल)। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के गुरुकुल परिसर, हरिद्वार के बीएएमएस द्वितीय वर्ष के छात्र भव्य गोयल का शोध प्रस्ताव आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा संचालित आयुर्वेद अनुसंधान छात्रवृत्ति योजना ‘स्पार्क 4.0’ के अंतर्गत चयनित हुआ है।
यह शोध कार्य संस्थान के संहिता एवं सिद्धांत विभाग के शिक्षक डॉ. विपिन कुमार अरोड़ा के मार्गदर्शन में सम्पन्न होगा। योजना के तहत शोध कार्य पूर्ण होने पर छात्र को 50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
गुरुकुल परिसर के निदेशक प्रो. जी.पी. गर्ग ने इस उपलब्धि पर भव्य गोयल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा संचालित यह योजना आयुर्वेद स्नातक छात्रों में अनुसंधान के प्रति रुचि और योग्यता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्नातक स्तर पर विद्यार्थियों को शोध पद्धति और तकनीकों से परिचित कराना तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन में शोध कार्य का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। इससे विद्यार्थियों को भविष्य में शोध को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।


