“स्टंट नहीं, सुरक्षा चुनें — एक वीडियो के लिए जिंदगी को खतरे में न डालें।”
हरिद्वार(अनिल शीर्षवाल)। गंगा की मुख्य धारा नीलधारा में थार वाहन उतारकर स्टंट करना कुछ युवकों को महंगा पड़ गया। कनखल थाना क्षेत्र के बैरागी कैंप में ऑफ-रोड क्षमता जांचने के उद्देश्य से युवकों ने थार को नदी की धारा में उतार दिया, लेकिन तेज बहाव के बीच वाहन बीच नदी में फंस गया और धीरे-धीरे पानी में डूबने लगा।
वाहन फंसते ही उसमें सवार युवकों में अफरा-तफरी मच गई। उनकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलने पर कनखल पुलिस मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्रेन की सहायता से काफी मशक्कत के बाद थार को गंगा की धारा से बाहर निकलवाया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि स्टंटबाजी के दौरान वाहन नदी के बीच फंस जाता है और पानी का बहाव लगातार बढ़ता जाता है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग, स्टंटबाजी और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गंगा किनारे स्टंट करते समय फंसी थार (यूपी-36 एए-0707) को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रोमांच और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें। गंगा जैसी तीव्र धारा वाली नदियों में इस प्रकार की लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यातायात एवं सुरक्षा नियमों का पालन ही सुरक्षित जीवन की कुंजी है।



