सावन में रुद्राभिषेक और शिव उपासना से दूर होते हैं कष्ट, मिलती है सौभाग्य की प्राप्ति
हरिद्वार(विनय सैनी)। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव की आराधना से असंभव कार्य भी सहजता से संभव हो जाते हैं। महादेव अपने भक्तों पर अत्यंत कृपालु हैं और केवल एक लोटा जल अर्पित करने मात्र से प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं।

श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित विशेष शिव साधना कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि शिव उपासना से बड़े से बड़े कष्ट, संकट और बाधाएं दूर हो जाती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि सावन माह भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र महीना है और इसका प्रत्येक दिन एक पर्व के समान महत्व रखता है। इस दौरान नियम, संयम और श्रद्धा के साथ की गई शिव आराधना से अनेक तीर्थों में स्नान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि सावन माह का संबंध समुद्र मंथन से भी है। समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष से सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने विष को अपने कंठ में धारण किया, जिससे उनका कंठ नीला हो गया और वे नीलकंठ कहलाए। उन्होंने बताया कि विष के प्रभाव को शांत करने के लिए देवी-देवताओं ने भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया था। तभी से सावन माह में रुद्राभिषेक की परंपरा प्रचलित हुई।
उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु सावन में श्रद्धा एवं विधि-विधान से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करते हैं, उनके जीवन की कठिनाइयां शिव कृपा से दूर हो जाती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
कार्यक्रम में स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।



