हरिद्वार(मनोज यादव)। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार में सेवा, संस्कार और संस्कृति की त्रिवेणी प्रवाहित हुई, जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के अंतर्गत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक ऋचाओं के पावन उद्घोष और दीप-प्रज्वलन के दिव्य प्रकाश में संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय परिसर के शिव मंदिर में यह आयोजन किया गया।
अपने आशीर्वचन में कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने कहा – “सेवा भारतीय संस्कृति और संस्कारों का मूलाधार है। सेवा का अर्थ केवल किसी व्यक्ति की सहायता करना मात्र नहीं, अपितु समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का परम लक्ष्य विद्यार्थियों के हृदय में सेवा, संवेदना, सहयोग, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व के बीजों का वपन करना है। यह अभियान ‘मैं’ की संकीर्ण परिधि से निकलकर ‘हम’ की व्यापक चेतना की ओर एक सांस्कृतिक यात्रा है। प्रत्येक व्यक्ति अपने सामर्थ्य भर समाज को कुछ न कुछ दे सकता है और बूँद-बूँद से ही सागर बनता है – छोटे-छोटे सेवा कार्य ही बड़े सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला बनते हैं। उन्होंने समस्त विश्वविद्यालय परिवार का आह्वान किया कि सेवा को संकल्प में और संकल्प को व्यवहार में परिणत करें।
नोडल अधिकारी प्रो. बिंदुमति द्विवेदी ने अभियान की भावी गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस पखवाड़े में विविध प्रेरक आयोजन होंगे। ‘मेरा सपनों का भारत’ के अंतर्गत चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता,‘सेवा कार्य’ के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक एवं निबंध प्रतियोगिता- ‘सेवा-मेरा योगदान’ के अंतर्गत वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान एवं ‘लोकल फॉर लोकल’ जागरूकता रैली ‘सेवा-मेरा संकल्प’, ‘सेवा के रंग’, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ एवं ‘विकसित भारत @2047’ के अंतर्गत शिक्षण-जागरूकता, रंगोली, क्रीड़ा, योग-प्राणायाम तथा डिजिटल इंडिया सहित अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम की सह-नोडल अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी सिंह रावत ने कहा कि यह अभियान विद्यार्थियों में सेवा-भावना, स्वच्छता, पर्यावरण-संरक्षण और राष्ट्र-निर्माण की चेतना को जागृत करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से उत्साहपूर्वक सहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में अभियान के सफल संचालन हेतु विभिन्न विभागों के आचार्यों, सह-आचार्यों एवं सहायक आचार्यों के दायित्वों का निर्धारण एवं सहयोग पर सार्थक विमर्श किया गया। इस अवसर पर निजी सचिव श्री मनोज गहतोड़ी सहित छात्र-अध्यापक, छात्र-अध्यापिकाएँ, विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।


