नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में डेढ़ माह से चल रही थी तलाश, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद से पुलिस ने दबोचा
पिरान कलियर (श्रवण गिरी)। हरिद्वार पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे ₹5 हजार के इनामी आरोपी को उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी की तलाश करीब डेढ़ माह से की जा रही थी। पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मैनुअल पुलिसिंग की मदद से 27 अक्टूबर 2026 को ग्राम सालेनगर, थाना किला, जिला बरेली से आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, 2 सितंबर 2026 को रहमतपुर, कलियर निवासी शाहिद पुत्र अनीस ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण के संबंध में कोतवाली पिरान कलियर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर मुकदमा संख्या 202/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 12 सितंबर 2026 को बरेली से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया था। हालांकि, मामले में नामजद आरोपी फरार चल रहा था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मैनुअल पुलिसिंग के आधार पर पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची और उसे ग्राम सालेनगर, बरेली से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने नाबालिग को विवाह करने का बहाना बनाकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की बात बताई। मामले में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाश बाजपेयी पुत्र स्वर्गीय श्याम बाजपेयी, निवासी पुराना शहर बुखारपुरा, थाना बारादरी, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली टीम में कोतवाली पिरान कलियर के प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, कोतवाली गंगनहर की उपनिरीक्षक ममता मखलौगा, अपर उपनिरीक्षक रामअवतार, हेड कांस्टेबल सोनू कुमार, कांस्टेबल विक्रम चौहान, सीआईयू रुड़की के कांस्टेबल महिपाल सिंह तथा महिला कांस्टेबल मौसम शामिल रहे।
हरिद्वार पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के तहत फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।


