देहरादून(हरिशंकर सैनी)। इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के नायक की मृत्यु से उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” की सटीक ज्योतिषीय गणनाओ की चर्चा पाश्चात्य देशों में भी जोर-शोर से होने लगी है।
दरअसल फरवरी 2026 में आचार्य दैवज्ञ ने सौरमंडल में नवग्रहों के गोचर संक्रमण का विस्तृत विश्लेषण करते हुए कहा था कि फरवरी के अंत में और मार्च की शुरुआत में मंगल, सूर्य, बुध शुक्र और राहु की युति बन रही है जो अंतरराष्ट्रीय जगत के लिए विध्वंसात्मक परिस्थितियां तैयार करेगा और वास्तव में 28 फरवरी को जैसे ही सूर्य ,मंगल ,बुध ,शुक्र जैसे ही राहु के एकदम नजदीक पहुंचे तो हिंसात्मक योग बना और भयानक हमले में ईरान का नायक अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए।
इस संदर्भ में आचार्य दैवज्ञ से जब संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि पूरा संसार ग्रहों और नक्षत्रों की चाल पर ही निर्भर रहता है, जो इसको स्वीकार करता है वह समय पर मार्गदर्शन प्राप्त कर अपना बचाव कर लेता है और जो इसे इग्नोर करता है तो उसे परिणाम भी भुगतना पड़ता है, उन्होंने आगे विश्लेषण करते हुए कहा कि मंगल राहु और सूर्य क्रूर ग्रह साथ मिले तो हिंसा हुई और उसमें शुक्र तथा बुद्ध सौम्य ग्रह जो सुंदरता के कारक हैं वह साथ में थे तो सुंदर देश दुबई और कतर भी उससे प्रभावित हो गए।
सौरमंडल में ग्रहों की चाल से आम जनमानस को समय पर सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से अपना कर्तव्य समझ कर सचेत कर देने वाले आचार्य डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल दैवज्ञ आगे भी सचेत करते हैं, कि इस समय परिस्थितियां नियंत्रण में हो जाएंगी क्योंकि इन सब ग्रहों पर मिथुन राशि में गोचर कर रहे देवगुरु बृहस्पति की अमृतमयी दृष्टि पढ़ने लग गई है, परंतु 2 अप्रैल 2026 के बाद जब मंगल और शनि एक साथ आएंगे तब परिस्थितियां फिर विपरीत हो सकती हैं इसलिए सभी को व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सावधान रहना होगा।

