रुड़की(श्रवण गिरी)।राजकीय प्राथमिक विद्यालय बेडपुर, रुड़की में आयोजित ग्रीष्मकालीन समर कैंप का समापन समारोह लोकसंस्कृति, संगीत और बाल उत्साह के रंगों से सराबोर रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सेवानिवृत्त शिक्षक विनोद कुमार शर्मा ने बच्चों के बीच लोकगीत प्रस्तुत कर वातावरण को जीवंत बना दिया। लोकगीतों की मधुर धुनों पर छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया और पूरा विद्यालय परिसर सांस्कृतिक उल्लास से गुंजायमान हो उठा।
मुख्य अतिथि विनोद कुमार शर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकगीत हमारी संस्कृति की आत्मा हैं। इनमें समाज की परंपराएं, रिश्तों की मिठास, लोकजीवन की संवेदनाएं और भारतीय संस्कृति की जड़ें समाहित होती हैं। उन्होंने विभिन्न मांगलिक कार्यों, पर्व-त्योहारों एवं पारिवारिक आयोजनों में गाए जाने वाले पारंपरिक लोकगीतों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा—
लोकगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। नई पीढ़ी को लोकसंस्कृति और लोकभाषा से जोड़ना समय की आवश्यकता है। बच्चों में यदि बचपन से ही लोकगीतों और परंपराओं के प्रति रुचि विकसित की जाए, तो हमारी सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ लोकगीतों पर सहभागिता की तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विनोद कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए स्टेशनरी किट भी भेंट की, जिससे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुफ्ती इकराम ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सहायक अध्यापक संजय वत्स एवं नितिन कुमार ने भी समर कैंप के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
समर कैंप का समापन समारोह बच्चों के लिए शिक्षा, संस्कृति, लोकभाषा और लोकगीतों से जुड़ने का अविस्मरणीय अनुभव बन गया। विद्यालय परिसर देर तक लोकधुनों, बच्चों की मुस्कानों और सांस्कृतिक उल्लास से आलोकित बना रहा।




