हरिद्वार(नीति शर्मा)। देवभूमि हरिद्वार में होली के पावन अवसर पर “रंगोत्सव 2026 — होली के रंग, श्री राधे गोविन्द के संग” का दिव्य एवं भव्य आयोजन पूज्य अनुराग कृष्ण प्रभु जी के सान्निध्य में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ जानकी पुरम सीतापुर ज्वालापुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री राधा एवं कृष्ण के पूजन, दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। तत्पश्चात भजन-कीर्तन की मधुर प्रस्तुतियों ने सभी को भावविभोर कर दिया। फूलों की होली एवं अबीर-गुलाल उत्सव मुख्य आकर्षण रहे, जहां श्रद्धालुओं ने प्रेमपूर्वक एक-दूसरे को रंग लगाकर भाईचारे और समरसता का संदेश दिया।
अपने उद्बोधन में अनुराग कृष्ण प्रभु जी ने कहा कि होली केवल बाहरी रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि अंतर्मन को प्रेम, भक्ति और सद्भाव के रंग में रंगने का पावन अवसर है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि जीवन में श्री राधे गोविन्द के नाम का रंग चढ़े, यही सच्ची होली है।
इस अवसर पर प्रिया पौडवाल जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा, “होली हमें सिखाती है कि हम अपने मन के द्वेष, अहंकार और कटुता को त्यागकर प्रेम और भक्ति के रंग में रंग जाएं। जब हम श्री राधा-कृष्ण के चरणों में स्वयं को समर्पित करते हैं, तभी जीवन में वास्तविक आनंद और शांति प्राप्त होती है।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में संस्कार, एकता और नारी शक्ति के सशक्तिकरण का माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की नवनिर्वाचित बहादराबाद मंडल अध्यक्ष नीति शर्मा जी ने कहा कि होली भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है, जो समाज को प्रेम और सौहार्द के सूत्र में बांधती है।
इस अवसर पर अंकुर बागड़ी, अभिषेक वर्मा, राजीव, हरकेश, रीटा, शशि, नकली राम, आकाश, विजय शुक्ला, गोपाल शर्मा, दिनेश रावत, लक्ष्मी रावत सहित कमल कांत जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर होली के रंगों का आनंद लिया।

कार्यक्रम के अंत में महाप्रसाद वितरण के साथ रंगोत्सव का समापन हुआ। यह भव्य आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गया, जिसने सभी को श्री राधे गोविन्द के प्रेममय रंग में रंग दिया।

