हरिद्वार(नीति शर्मा)। भारत रत्न एवं स्वतंत्र भारत के प्रमुख शिल्पकारों में शामिल पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती जनपद हरिद्वार में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने देवपुरा चौक स्थित पंत पार्क पहुंचकर पंडित गोविंद बल्लभ पंत के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर वक्ता, कुशल प्रशासक और समाज सुधारक थे। आधुनिक भारत के निर्माण में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक चेतना के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि पंडित पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा जनपद के खूंट गांव में हुआ था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने छात्र जीवन से ही सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई तथा देश की आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने जिस सशक्त और विकसित भारत की कल्पना की थी, उसे साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करना होगा। उन्होंने सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सभी की सहभागिता पर जोर दिया।
वहीं कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। जयंती के अवसर पर जनपद के सभी सरकारी कार्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पंत जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया।इस दौरान जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद रहे।



