देहरादून(हरिशंकर सैनी)। देश में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के तहत अब तक 101 से अधिक विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा चुका है। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रहित, नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और अनुशासित जीवन शैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान के प्रेरणास्रोत एवं सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण के नेतृत्व में देशभर में युवाओं और विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। शिक्षा एवं चिकित्सा क्षेत्र में उनके योगदान को उल्लेखनीय बताया गया है। उनका मानना है कि केवल शिक्षित होना पर्याप्त नहीं, बल्कि संस्कारित और चरित्रवान नागरिक बनना ही सच्चे राष्ट्र निर्माण की नींव है।
उत्तराखंड में अभियान के निदेशक डॉ. रवीन्द्र कुमार सैनी ने बताया कि उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भी अभियान के अंतर्गत व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को देश की स्वतंत्रता के महान क्रांतिकारियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष की गाथाओं से अवगत कराते हुए “राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम” के सिद्धांत को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की शपथ भी दिलाई जा रही है। साथ ही उन्हें किसी भी प्रकार के अनैतिक कार्य से दूर रहने और आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत जिन 101 विद्यालयों में कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं, वहां के प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधकों को सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण के करकमलों द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। अभियान में रघुनाथ सिंह एवं जगदीश गुप्ता सहित कई समर्पित सदस्यों की सक्रिय भूमिका भी सराहनीय रही है।
डॉ. रवीन्द्र कुमार सैनी ने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज में स्वार्थपरता बढ़ रही है, ऐसे में राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान विद्यार्थियों में नई चेतना का संचार कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान भविष्य में एक जनआंदोलन का रूप लेकर भारत को सशक्त, संस्कारित और चरित्रवान राष्ट्र बनाने में अहम योगदान देगा।


