रुड़की(नीति शर्मा)। मैथोडिस्ट गर्ल्स पीजी कॉलेज, रुड़की में हिंदी विभाग के तत्वावधान में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर हिंदी दिवस समारोह उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा वर्मा के नेतृत्व में किया गया, जबकि आयोजन को सफल बनाने में डॉ. कोमल और वंदना चौहान का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. अमिता श्रीवास्तव, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा वर्मा, डॉ. कोमल, वंदना चौहान तथा अन्य प्रवक्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर और हिंदी के महान साहित्यकारों को नमन कर किया। इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. अमिता श्रीवास्तव ने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और गौरव की भावना विकसित करने का संदेश दिया।

समारोह के दौरान आशु भाषण, स्वरचित कविता, कविता पठन, ‘बूझो तो जानें’ प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा वर्मा ने कहा कि हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संवेदना और सामाजिक एकता की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने छात्राओं को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और अध्ययन के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्वरचित कविता प्रतियोगिता में याचना मसीह प्रथम, जान्हवी द्वितीय, वैष्णवी तृतीय तथा रिया को सांत्वना पुरस्कार मिला। आशु भाषण प्रतियोगिता में भूमिका प्रथम, खुशी चौहान द्वितीय, रिया तृतीय और प्रिया को सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ।
कविता पठन प्रतियोगिता में रितिका प्रथम, मुस्कान द्वितीय, कुमकुम तृतीय तथा वंशिका को सांत्वना पुरस्कार मिला। वहीं ‘बूझो तो जानें’ प्रतियोगिता में सुहाना प्रथम, वंशिका द्वितीय, कुमकुम तृतीय और अकिता को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में डॉ. अमिता श्रीवास्तव, डॉ. रीतू त्यागी, डॉ. कोमल और डॉ. आयशा फरीन शामिल रहीं। कार्यक्रम का संचालन निकिता और भारती ने किया। अंत में डॉ. अनुपमा वर्मा ने सभी विजेता छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए सहयोग करने वाले सभी प्रवक्ताओं, छात्राओं और महाविद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।
समारोह का समापन देशभक्ति गीत “सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा” तथा राष्ट्रगान के साथ हुआ।

