नासिक, महाराष्ट्र(ब्यूरों)। महर्षि गौतम गोदावरी वेद विद्या प्रतिष्ठान, नासिक में रविवार को आयोजित चतुर्वेद सम्मेलन में महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा की उपस्थिति में देश भर के वैदिक विद्वानों का भव्य सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ।
राज्यपाल ने विभिन्न प्रांतों से आए वैदिक आचार्यों को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सम्मानित 19 वर्षीय युवा वैदिक विद्वान श्री देवव्रत रेखे को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। श्री रेखे ने कुछ दिन पूर्व काशी में दण्डक्रम पाठ कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया था, जिसकी पूरे देश में सराहना हो रही है।

समारोह को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रमाकान्त पाण्डेय ने कहा कि महाराष्ट्र शास्त्रों के संरक्षण में सदैव अग्रणी रहा है, यह सम्मान भारतीय परम्परा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि वेद केवल पाठ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं, इन्हें कंठस्थ रखने वाले विद्यार्थी और आचार्य राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर के सच्चे संवाहक हैं। कुलपति ने कहा कि महर्षि गौतम गोदावरी वेद विद्या प्रतिष्ठान पिछले कई वर्षों से वैदिक शिक्षा, स्वर-व्यंजन शुद्धि और पारम्परिक पाठ पद्धतियों को जीवित रखने का कार्य कर रहा है। राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकार और समाज को मिलकर ऐसी संस्थाओं को और अधिक सहयोग देना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी वेद-वेदांग की ओर आकर्षित हो। उन्होंने देवव्रत रेखे जैसे युवाओं को “राष्ट्र की सांस्कृतिक पूंजी” बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सम्मेलन में सामूहिक वेदपाठ, प्रवचन और शास्त्रार्थ भी हुए,गोदावरी तट पर सामूहिक आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर श्रद्धालु, अध्यापक एवं छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।

