हरिद्वार(अनिल शीर्षवाल)। जिला सहकारी बैंक लिमिटेड हरिद्वार कर्मचारी यूनियन की नई कार्यकारिणी के गठन के बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बैंक के कुछ कर्मचारियों ने चुनाव की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि कर्मचारी यूनियन की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर बैंक कर्मचारियों के एक वर्ग में असंतोष व्याप्त है। सूत्रों के अनुसार कुछ कर्मचारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की पूर्व सूचना सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों तक समान रूप से नहीं पहुंचाई गई और चुनाव में सीमित संख्या में लोग ही मौजूद थे। ऐसे में सर्वसम्मति से चुनाव होने के दावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया और बैंक कर्मचारियों के व्हाट्सएप समूहों में साझा किए गए संदेशों में कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि बैंक में लगभग 110 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि चुनाव के दौरान केवल करीब 15 लोग ही उपस्थित थे। कर्मचारियों का कहना है कि जब अधिकांश कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हुए तो सर्वसम्मति से चुनाव होने का दावा कैसे किया जा सकता है।जबकि लगभग आधे से अधिक कर्मचारी चुनाव के दिन अपनी अपनी ब्रांचों में कार्यरत थे फिर सर्वसम्मति कैसी हुई …?
कर्मचारियों ने चुनाव अधिकारी से चुनाव की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने, चुनाव की पूर्व सूचना कब और किस माध्यम से जारी की गई इसका रिकॉर्ड सार्वजनिक करने तथा चुनाव अधिकारी एवं निर्वाचन समिति की नियुक्ति संबंधी आदेश उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि यदि चुनाव प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं हुआ है तो वर्तमान चुनाव परिणाम को निरस्त कर नियमानुसार पुनः चुनाव कराया जाए।
कुछ कर्मचारियों ने जांच पूरी होने तक नवगठित कार्यकारिणी को मान्यता न देने की भी मांग उठाई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे कानूनी एवं विधिक विकल्पों पर विचार करेंगे।
हालांकि, इस संबंध में चुनाव अधिकारियों अथवा नवगठित कार्यकारिणी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले को लेकर बैंक कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है।
