गुर्जर बस्ती गैंडीखाता में पीडब्ल्यूडी से स्वीकृत कराई थी दो सड़कें, आरटीआई से ली स्थानीयों ने जानकारी
हरिद्वार/लालढांग(ब्यूरों)। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के प्रस्ताव पर पीडब्ल्यूडी से स्वीकृत हुई गुर्जर बस्ती गैंडीखाता की दो सड़कों पर रिबन काटने कांग्रेस की विधायक अनुपमा रावत पहुंच गई। ग्राम प्रधान बिशमिल्ला ने रिबन काटने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जो कार्य पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद से स्वीकृत कराए, उन पर झूठा श्रेय न लें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विधायक वोट लेने के बाद साढ़े चार साल के कार्यकाल में वनगुर्जरों के लिए कोई विकास कार्य नहीं किया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने 15 फरवरी — 2025 को पीडब्लयूडी मंत्री सतपाल महाराज को पत्र लिखकर राज्य योजना वर्ष—2024—25 के अंतर्गत गुर्जरबस्ती गैंडीखाता में तीन सड़कों के निर्माण की मांग की थी। जिनमें दो सड़कों की जिनकी पीडब्ल्यूडी ने वित्तीय स्वीकृति 25 अगस्त—2026 ने जारी की। जिनमें ग्राम गुर्जर बस्ती गैंडीखाता में 1.400 किमी की दूरी की सड़क मस्तू कसाना के घर से सफी कसाना के घर से 97 लाख 45 हजार रुपये की लागत से और दूसरी 1.200 किमी की दूरी की सड़क समशेर कसाना के घर से गौरहंसा के घर से 82 लाख रुपये की लागत की है।
हालांकि जब सड़क स्वीकृत हो गई थी तो 14 सितंबर को गैंडीखाता निवासी आलम लोधा ने सूचना के अधिकार के तहत सूचना मांगी और विभागीय लोक सूचना अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने सूचना 30 सितंबर को उपलब्ध कराई। जिसमें सड़कों की स्वीकृति पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के प्रस्ताव पर होनी लिखित में बताई। जिनकी वित्तीय स्वीकृति 25 अगस्त—2026 को हुई। हालांकि अभी सड़कों का विभागीय टेंडर प्रक्रिया गतिमान है।
लेकिन श्रेय लेने वाली कांग्रेस की विधायक अनुपमा रावत फिर से फीता काटकर निकल गई। जिससे क्षेत्रीय निवासियों ने पूरे मामले पर आक्रोश जताया। गैंडीखाता की ग्राम प्रधान बिशमिल्ला ने कांग्रेस की विधायक अनुपमा रावत पर आक्रोश जताते हुए कहा कि जब साढ़े चार का कार्यकाल हो गया तो कभी उनके बीच में नहीं पहुंची और अब स्वामी यतीश्वरानंद के द्वारा स्वीकृत कराए कार्यों पर झूठा श्रेय लेने पहुंच रही है, जिसे सभी जनता के बीच में पहुंचकर बताया जाएगा।



