रुड़की(श्रवण गिरी)। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ वी मुरुगेशन ने कहा कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए जागरुकता जरूरी है। नशे के दुष्प्रभाव के बारे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक किया जाना जरूरी है।
शुक्रवार को उत्तराखंड पुलिस की ओर से हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज धनौरी में साइबर क्राइम एवं नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के अंतर्गत कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ वी मुरुगेशन ने कहा कि युवाओं के सहयोग से नशे की जड़ पर प्रहार करना है। नशे का दुष्प्रभाव पूरा परिवार भुगतता है। एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ मुहिम में पुलिस का साथ दें। नशे के सौदागरों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएं। पुलिस प्रभावी कार्रवाई करेगी। इससे पहले महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हर्ष सैनी एवं सचिव डॉ आदित्य सैनी ने महाविद्यालय पहुंचने पर अपर पुलिस महानिदेशक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का स्वागत किया। अतिथियों ने महाविद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय डॉ तेजवीर सिंह सैनी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. योगेश योगी ने किया। इस अवसर पर एसपी ग्रामीण अभय सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक देवव्रत जोशी, प्राचार्य डॉ मुनेंद्र सिंह, डॉ. अंजलि राठौर, डॉ निशा रानी, डॉ सरिता चंद्र, डॉ राहुल देव, अंकेश चौहान आदि उपस्थित रहे।
प्रोफेसर बन बच्चों से पूछे सवाल
अपर पुलिस महानिदेशक ने बच्चों से सीधा संवाद किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से नशे के दुष्प्रभाव ,नशे के खिलाफ जागरूकता और समाज में नशे की रोकथाम को लेकर युवाओं की भूमिका पर सवाल किया। छात्र-छात्राओं ने अपर पुलिस महानिदेशक के सभी सवालों का जवाब दिया। ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की प्रतिभा देखकर अपर पुलिस महानिदेशक प्रभावित हुए और उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया।
साइबर क्राइम ब्रांच ने बच्चों को दिखाई लघु फिल्में
देहरादून से आए साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम से बचाव के लिए लघु फिल्में दिखाई। सेमिनार हॉल के प्रोजेक्टर पर फिल्मों और चित्रों के माध्यम से बच्चों को साइबर क्राइम से बचाव के प्रति जागरूक किया। साइबर क्राइम टीम की ओर छात्र-छात्राओं को ग्रामीणों के बीच जाकर जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।


