हरिद्वार/ पथरी(अनिल शीर्षवाल)। दो दिसंबर को थाने पर सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम धारीवाला, थाना पथरी में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है। सूचना पर थानाध्यक्ष पथरी पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंचे तो सुरेश पुत्र सुखबीर, उम्र 42 वर्ष का शव घर के कमरे में फर्श पर पड़ा मिला। मृतक शादीशुदा नहीं था और परिवारजन घटना स्थल पर मौजूद थे। परिवार द्वारा इसे फांसी लगाकर आत्महत्या बताया जा रहा था, किंतु मृतक के गले पर के स्पष्ट चिन्ह पाए जाने के कारण फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया तथा शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया। तीन दिसंबर को प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण आत्महत्या नहीं बल्कि strangulation पाया गया। चूंकि मृतक की कोई संतान या पत्नी नहीं थी, इसलिए परिवार द्वारा कोई तहरीर नहीं दी गई। चौकी प्रभारी फेरूपुर की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया। घटना की गंभीरता देखते हुए SSP हरिद्वार द्वारा तत्काल खुलासे व आरोपी की गिरफ्तारी हेतु निर्देश जारी किए गए। थाना पथरी पुलिस टीम ने मौके से मिले भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर मृतक के परिजनों से विस्तृत पूछताछ की।
पुलिस का शक उसी व्यक्ति पर गया , जो सबसे ज़्यादा चिल्ला–चिल्ला कर “फांसी” वाली कहानी सुना कर रोना धोना कर रहा था। शक की सुई भतीजे सुनील पर अटकी
घटना के समय सबसे पहले सुनील (उम्र 25 वर्ष) ही सुरेश के पास पहुंचा था। सुनील ने घरवालों को बताया— “चाचा ने फांसी लगा ली… मैं उतारकर खाट पर लिटा आया।” पूछताछ में खुलासा हुआ सुरेश शराब के नशे में अपने घेर में लेटा था। इसी दौरान भतीजे ने चुन्नी से अपने चाचा गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद हत्या को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से उसने मृतक के गले में वही चुन्नी बांधी, शव को टीनशेड के एंगल से लटकाने का प्रयास किया, लेकिन शरीर भारी होने के कारण नीचे गिर गया। अगली सुबह सुनील ने परिवार को स्वयं सूचना दी कि चाचा ने आत्महत्या कर ली तथा वह शव को नीचे उतार चुका है। सुनील पुत्र मेघपाल पता ग्राम धारीवाला, थाना पथरी का चालान कर दिया गया है।

