हरिद्वार(अनिल शीर्षवाल)। पुलिस के वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग कर कुख्यात विनय त्यागी को गोलियां मारने वाले दोनों हमलावरों को पुलिस ने खानपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। दोनों काशीपुर (उधमसिंह नगर) के निवासी हैं।
शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य आरोपित सनी यादव उर्फ शेरा मेरठ में विनय त्यागी के साथ रंगदारी, वसूली के धंधे में शामिल रहा है। उसी हिस्सेदारी के 20 लाख रुपये मांगने पर विनय उसे हत्या की धमकियां दे रहा था। सनी ने अपने साथी अजय के साथ मिलकर विनय त्यागी की हत्या के इरादे से फायरिंग की थी।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि रुड़की से पुलिस के वाहन में बुधवार को पेशी पर लक्सर ले जाने के दौरान मेरठ निवासी गैंगेस्टर विनय त्यागी पर दो नकाबपोश हमलावरों ने फायरिंग कर दी थी। तीन गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल विनय का एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है।

खानपुर क्षेत्र में सिकंदरपुर के जंगल से बिजनौर हाईवे के पास आरोपित सनी यादव उर्फ शेरा निवासी गुलजारपुर, काशीपुर और अजय निवासी खरमासा कालोनी, काशीपुर, उधमसिंह नगर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपित पूर्व काशीपुर में हुई डकैती के मामले में जेल जा चुके हैं।
जमानत पर छूटने के बाद सनी यादव नौकरी करने मेरठ गया और वहीं उसकी मुलाकात विनय त्यागी से हुई थी। वह विनय के लिए रंगदारी और वसूली में मदद करता था। करीब डेढ़ साल पहले हिस्सेदारी के तौर पर 20 लाख रुपये मांगने पर विनय त्यागी ने सनी यादव को मारपीट कर भगा दिया था।
इसके बाद रकम मांगने पर विनय उसे हत्या की धमकियां भी दे रहा था। बदला लेने और अपनी जान बचाने के लिए सनी यादव कई महीनों से विनय की हत्या की फिराक में था।

पिछले दिनों रेकी करने पर उसे विनय के त्यागी के रुड़की जेल में बंद होने और 24 दिसंबर को पेशी पर लक्सर न्यायालय में ले जाने की जानकारी मिली। तब उसने अजय के साथ मिलकर लक्सर में पुलिस के वाहन पर फायरिंग कर दी। एसएसपी ने बताया कि आरोपितों के कब्जे से दो तमंचे व तीन कारतूस भी बरामद हुए हैं।

लापरवाही में तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
कुख्यात पर हमला कर फरार हो रहे बदमाशों को पकड़ने में लापरवाही बरतने वाले तीन पुलिसकर्मियों पर गाज गिर गई है। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में बदमाशों के फरार होने के दौरान पीछे कुछ पुलिसकर्मी हाथ में असलहे लेकर खड़े नजर आ रहे हैं।
उन्होंने फरार होते बदमाशों पर गोली चलाना तो दूर पीछे भागने तक की जहमत नहीं उठाई। केवल राहगीरों से पकड़ने के लिए कहते रहे। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि लापरवाही देखते हुए उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार, कांस्टेबल संजय और हिमांशु को सस्पेंड कर एसपी देहात को जांच सौंपी गई है।


