देहरादून(नीति शर्मा)। “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस” के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, सुभाषनगर सेवाकेन्द्र में “नारी शक्ति – आध्यात्मिक सशक्तिकरण” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम में आध्यात्मिकता, सम्मान और नारी शक्ति के गौरव का सुंदर संगम देखने को मिला।
ब्रह्माकुमारीज बहनों द्वारा अतिथियों का गुलदस्ते, बैज एवं पटका पहनाकर स्वागत किया गया। मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभआरंभ किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सेवा संकल्प धारणी संस्था की संस्थापक श्रीमती गीता पुष्कर धामी ने महिलाओं की सामाजिक भूमिका और उनके सशक्तिकरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नारी समाज की शक्ति और संस्कारों की धरोहर है। उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास, शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से सशक्त बनने का संदेश दिया,साथ ही नारी नेतृत्व की पोषक ब्रह्माकुमारीज के आध्यात्मिक योगदान की भी सराहना की।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि वंडर वुमन अवार्ड* से सम्मानित क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. स्वाति मिश्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में राजयोग मेडिटेशन को अपनाने से महिलाएं अपने व्यवहार में संतुलन रखते हुए चुनौतियों का सामना सहजता से कर सकती है, एवं स्वयं को सशक्त भी कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने और पीछे मुड़कर न देखने का प्रेरक संदेश दिया।वही उत्तराखंड की प्रसिद्ध संगीतकार दीपा नगरकोटी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आधारित एक प्रेरणादायक गीत की प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने भरपूर सराहा। ब्रह्माकुमारीज सबजोन प्रभारी राजयोगिनी बीके मंजू दीदी ने राजयोग द्वारा महिला सशक्तिकरण विषय पर अपने प्रेरणादायी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि राजयोग ध्यान के माध्यम से महिलाएँ अपने आंतरिक बल, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को विकसित कर सकती हैं तथा परमात्मा से शक्ति प्राप्त कर ‘अबला से सबला’ बन सकती हैं।कार्यक्रम के अंत में ऋषिकेश सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आरती दीदी ने सभी को योगानुभूति कराते हुए गहन शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया।इस अवसर पर कुमारी पावनी ने अपने मनमोहक स्वागत नृत्य से सभी अतिथियों का अभिनंदन किया, जिसने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगातें भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बी.के. स्वाति द्वारा किया गया।

