सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए नई आरक्षण नियमावली को मंजूरी, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना पर भी लगी मुहर
हरिद्वार(अनिल शीर्षवाल)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार के मेला नियंत्रण सभागार में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधारों, रोजगार और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने उत्तराखंड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भारत सरकार का आभार भी व्यक्त किया।

सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में मिलेगी राहत
कैबिनेट ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। नई नियमावली में केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। इसके तहत लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट का प्रावधान शामिल किया गया है। नई नियमावली पूर्व की वर्ष 2025 की नियमावली का स्थान लेगी।
हरिद्वार के प्राच्य शोध संस्थान का होगा विकास
बैठक में हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इससे संस्थान के विकास और शोध संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में पहल होगी।

छोटे अपराधों के प्रावधानों में होगा बदलाव
व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर नागरिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने तथा अप्रचलित और अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण और भूमि उपयोग होंगे नियंत्रित
कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसके माध्यम से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया एवं मानक निर्धारित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना तथा जन-धन, संपत्ति और महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को संभावित नुकसान से सुरक्षित रखना है।

अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी
प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके अलावा, उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
स्वजल और जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों को मिली मंजूरी
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल तथा राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन में कुल 215 पदों की निरंतरता को एक मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कर्मचारियों को पूर्व की भांति वेतन एवं मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा किया जाएगा।

हरिद्वार की आवासीय परियोजना को राहत
कैबिनेट ने भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता देने को मंजूरी दी। लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित इस परियोजना के लिए निर्धारित नौ मीटर चौड़े पहुंच मार्ग के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए तीन मीटर की शिथिलता प्रदान की गई है। यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना तथा केंद्र और राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप प्रस्तावित है।

बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी मंजूरी दी। इसके अंतर्गत विपरीत परिस्थितियों में साहस और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन, ऊधमसिंह नगर के बाजपुर क्षेत्र में भूमि उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधार तथा उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के इन निर्णयों को प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने, विकास परियोजनाओं को गति देने, रोजगार संबंधी अवसरों को प्रोत्साहित करने और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




