रूडकी/हरिद्वार(नीति शर्मा)। साहित्य अकादमी के सभागार में आयोजित भव्य अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक समारोह में शिक्षा सदन इंटर कॉलेज,मेहवड कलॉ,रूडकी(हरिद्वार)की हिंदी प्रवक्ता एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ. मेनका त्रिपाठी को अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक सम्मान से सम्मानित किया गया। यह आयोजन हिमालय विरासत ट्रस्ट द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की कहानियों पर आधारित “रविवारीय कहानी वार्ता” के 150 सप्ताह पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। समारोह में देश-विदेश के साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं बुद्धिजीवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के 144वें एपिसोड में डॉ. मेनका त्रिपाठी ने ‘कहानी अंतहीन’ विषय पर अपना प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किया। उनके विचारों ने साहित्यिक विमर्श को नई दिशा प्रदान करते हुए श्रोताओं को गहन संवेदनात्मक अनुभूति से जोड़ा। हिंदी साहित्य के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय डॉ. त्रिपाठी अब तक अनेक काव्य-संग्रहों एवं साहित्यिक यात्राओं के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुकी हैं।
डॉ. त्रिपाठी ने नौ देशों की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक यात्राएँ कर भारतीय संस्कृति एवं हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रदीप त्यागी, प्रबंधक प्रभात मोहन सैनी, हर्ष सैनी, उमेश कुमार, प्रियंका शर्मा, सविता, अनीता, स्वर्णलता, मंजू, रुपेश कुमार तथा धर्मवीर सहित समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने डॉ. मेनका त्रिपाठी को शुभकामनाएँ देते हुए इसे विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
विद्यालय परिवार ने कहा कि डॉ. त्रिपाठी की यह सफलता शिक्षा, साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति उनकी सतत प्रतिबद्धता एवं समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है।



