हरिद्वार(नीति शर्मा)। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सोमवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित 90 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 55 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजा गया।
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल और राशन कार्ड सहित विभिन्न समस्याएं सामने आईं।

प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर गंगा पटरी मार्ग के निर्माण तक उठीं समस्याएं
जनसुनवाई के दौरान जगजीतपुर निवासी श्यामलाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग की। वहीं, धर्मेंद्र पुत्र लाल सिंह ने बताया कि वर्ष 1998-99 में ग्राम रांघड़वाला, परगना रुड़की में खसरा संख्या 333 के तहत उन्हें पट्टा आवंटित किया गया था, लेकिन आज तक इसे खतौनी में दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने पट्टे को खतौनी में दर्ज कराने की मांग की।
समाजसेवी नितिन यादव ने भागीरथी बिंदु से गीता कुटीर तक गंगा पटरी मार्ग का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कराने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। इसके अलावा, भूपतवाला पीठ बाजार के व्यापारी नितिन यादव ने पिछले 25 वर्षों से संचालित पीठ बाजार की व्यवस्था में सुधार करने और बाजार को किसी अन्य स्थान पर व्यवस्थित करने की मांग उठाई।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों के निस्तारण के लिए स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता बरतने और आमजन को राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन की 658 शिकायतें लंबित
बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर संपर्क करने, आवश्यकतानुसार स्थलीय निरीक्षण करने तथा उनसे सीधे बातचीत कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एल-1 स्तर पर 524 और एल-2 स्तर पर 134 शिकायतें, कुल 658 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित थीं। अधिकारियों को इन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह, उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश कुमार बिश्नोई, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र उत्तम कुमार तिवारी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।





