चुड़ियाला/भगवानपुर(विश्वास चौधरी)। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भगवानपुर ब्लॉक के चुड़ियाला गांव में आयोजित कलश वंदन कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाराणसी स्थित गुरु रविदास जी की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से लाए गए पवित्र कलश का भव्य स्वागत किया।
बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री धामी राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज में हेलीकॉप्टर से पहुंचने के बाद कार द्वारा सीएमडी इंटर कॉलेज एवं संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर परिसर पहुंचे। यहां हरिद्वार सीमा पर पावन कलश के स्वागत के उपरांत शोभायात्रा निकाली गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश की विधिवत स्थापना संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर, चुड़ियाला में की गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संत गुरु रविदास जी ने समाज को समानता, सामाजिक समरसता, मानवता और भाईचारे का अमूल्य संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को एकता और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संतों और महापुरुषों की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक खजान दास, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, दायित्वधारी देशराज कर्णवाल, जिला महामंत्री अक्षय प्रताप, सुभाष वर्मा, सुशील चौधरी, सागर गोयल, कार्यक्रम संयोजक एवं प्रधान रवि चौधरी, प्रधान मनोज त्यागी, प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह पुंडीर, तेजवीर सिंह, विश्वास चौधरी, अद्वैत प्रताप सिंह विभू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत समाज, अधिकारी, कर्मचारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दायित्वधारी देशराज कर्णवाल ने बताया कि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर चलाए जा रहे समरसता संकल्प अभियान के तहत उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में 19 स्थानों पर पवित्र कलश स्थापित किए जाएंगे। साथ ही गुरु रविदास जी के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए 411 विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कलश यात्राएं, संगोष्ठियां, दीपोत्सव एवं सेवा कार्य शामिल हैं।

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि संत गुरु रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानव सेवा का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण भक्ति एवं श्रद्धा से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु रविदास जी के जयघोष के साथ पवित्र कलश का स्वागत करते हुए प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।




