हरिद्वार(नीति शर्मा)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), हरिद्वार के तत्वावधान में बुधवार को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सेक्टर-2, भेल में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, बाल सुरक्षा और यौन अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर और बाल कल्याण विभाग की प्रतिनिधि सुनीता ने मुख्य रूप से प्रतिभाग किया।
बच्चों को पॉक्सो एक्ट की दी जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिमरनजीत कौर ने बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित बचपन हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करता है या किसी बच्चे को असहज महसूस कराता है, तो उसे चुप रहने के बजाय अपने माता-पिता, शिक्षकों या संबंधित सहायता तंत्र को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए किसी भी अप्रिय स्थिति में बिना डरे अपनी बात रखने और जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।

बाल कल्याण योजनाओं की दी जानकारी
बाल कल्याण विभाग की प्रतिनिधि सुनीता ने बच्चों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और बाल सहायता केंद्रों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अंथवाल ने की। उन्होंने अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल किताबी शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सामाजिक परिस्थितियों और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है।
प्रधानाचार्य ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें सुरक्षित वातावरण में अपनी बात रखने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और बाल सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।



