हरिद्वार(नीति शर्मा)। राज्य सरकार के जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत स्प्रिंग एवं रिवर रेजुवेनेशन अथॉरिटी की जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी एवं समिति के उपाध्यक्ष डॉ. ललित नारायण मिश्र ने की।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन से संबंधित विभिन्न विभागों की कार्ययोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। पांच विकासखंडों की ओर से प्रस्तुत योजनाओं में भगवानपुर के लिए 181.65 लाख रुपये, बहादराबाद के लिए 95.08 लाख रुपये, लक्सर के लिए 36.98 लाख रुपये, रुड़की के लिए 70.65 लाख रुपये तथा नारसन के लिए 65.15 लाख रुपये की कार्ययोजनाएं शामिल रहीं। इन योजनाओं में तालाबों का निर्माण एवं पुनरोद्धार, जल पुनर्भरण गड्ढों का निर्माण, वृक्षारोपण तथा अन्य जल संरक्षण कार्य प्रस्तावित हैं।

इसके अलावा लघु सिंचाई विभाग ने भूजल संरक्षण के उद्देश्य से 63 जल पुनर्भरण शाफ्ट के निर्माण हेतु 331.15 लाख रुपये तथा छह तालाबों के निर्माण एवं पुनरोद्धार के लिए 197.40 लाख रुपये की कार्ययोजना समिति के समक्ष प्रस्तुत की। समिति ने सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने ‘एक जनपद, एक नदी’ अभियान के तहत पथरी रौ नदी के पुनर्जीवन के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाए तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में नोडल अधिकारी एवं लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता भरत राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



