हरिद्वार(नीति शर्मा)। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने और पूर्व में नियुक्त सेवारत शिक्षकों को टीईटी से स्थायी छूट देने की मांग को लेकर शुक्रवार को उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले जिलेभर के प्राथमिक शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने विकास भवन से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।
प्रदर्शन में जिले के विभिन्न विकासखंडों से पहुंचे हजारों शिक्षक एवं संगठन पदाधिकारी विकास भवन मैदान में एकत्र हुए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किए जाने संबंधी हालिया निर्णय से लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के सामने असमंजस और असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि वर्षों से विद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अनुभव और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें टीईटी की बाध्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाना चाहिए।
सभा के बाद शिक्षक जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। शिक्षक नेताओं ने कहा कि राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों की उपेक्षा उचित नहीं है। सरकार को शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक और न्यायसंगत निर्णय लेना चाहिए।इस दौरान
जिला अध्यक्ष अश्वनी चौहान, महामंत्री हेमेंद्र चौहान, कोषाध्यक्ष अरविंद शर्मा सहित हेमलता चौहान,राजीव शर्मा,मुकेश चौहान,मनमोहन,पंकज बिश्नोई,अनिल चमोली,केहर सिंह,प्रवीण कुमार,कुलदीप,बबलू अधाना,विकास शर्मा,सुखबीर सैनी,प्रविंद्र,राजीव शर्मा,आलोक शर्मा,इकबाल अहमद,शालिनी गोस्वामी,नूपुर शर्मा,अँजेश,वीर सिंह,अमरीष वर्मा,ईश्वर सिंह,कविता शर्मा,सरिता त्यागी,प्रतिभा सैनी, सहित अधिसंख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
अनेक शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे और सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।




