महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, डीएम-एसएसपी ने दक्षेश्वर महादेव में किया जलाभिषेक
हरिद्वार(नीति शर्मा)। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आयोजित कांवड़ मेला पखवाड़ा महाशिवरात्रि के पर्व के साथ भव्य एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। इस दौरान हरिद्वार से 5 करोड़ से अधिक शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए। पूरे मेला क्षेत्र में “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण शिवमय बना रहा।
मंगलवार को मेले के अंतिम दिन एक ओर जहां कांवड़िये अपने गंतव्यों की ओर रवाना होते रहे, वहीं दूसरी ओर नगर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बिल्केश्वर महादेव, दक्षेश्वर महादेव, नीलेश्वर महादेव एवं गौरी-शंकर महादेव सहित विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी श्रद्धा के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की प्रार्थना की।

कांवड़ मेले के सफल संचालन में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यातायात प्रबंधन, रूट डायवर्जन, पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाएं, सफाई व्यवस्था, पेयजल, विद्युत एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए। मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बावजूद व्यवस्था सुचारु बनी रही।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर की कार्यशैली और सतत निगरानी की साधु-संतों, सामाजिक संगठनों तथा आमजन ने सराहना की। एसएसपी नवनीत सिंह ने संवेदनशील क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण किया, जबकि डीएम मयूर दीक्षित ने कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी।
मेले के अंतिम दिन दोनों अधिकारी हर की पौड़ी पहुंचे, जहां मां गंगा का पूजन-अर्चन करने के बाद कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस अवसर पर उन्होंने मेले के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी विभागों, कर्मचारियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि मेले की सफलता प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सफाई कर्मियों और जनता के सामूहिक सहयोग का परिणाम है। वहीं एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासन के बेहतर समन्वय ने इस मेले को प्रदेश के लिए एक आदर्श आयोजन बनाया है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी तथा राष्ट्रीय महामंत्री महंत हरि गिरि सहित संत समाज एवं जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों में करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से गंगाजल उपलब्ध कराना और उन्हें गंतव्य तक रवाना करना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन आगामी कुंभ महापर्व के लिए भी प्रेरणादायक साबित होगा।
श्रावण मास का यह कांवड़ मेला आस्था, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रबंधन के संगम के रूप में याद किया जाएगा।


