हरिद्वार(नीति शर्मा)। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 51 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 22 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को भेजा गया।
जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड और पेंशन सहित विभिन्न विषयों से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। शिकायतकर्ताओं ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे, प्रतिबंधित जनजातीय भूमि की बिक्री, सड़क निर्माण से जलभराव, भूमि अभिलेखों की प्रतियां उपलब्ध न होने और आर्थिक सहायता जैसे मुद्दे उठाए।
हिमालयन बुक्सा आदिम जनजाति उत्थान समिति ने बुक्सा जनजाति की कृषि भूमि को अवैध रूप से प्रॉपर्टी डीलरों को बेचे जाने और भूमि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं हरकी पौड़ी क्षेत्र में पहाड़ी काटकर किए जा रहे निर्माण को रोकने और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने संबंधी शिकायतें भी दर्ज कराई गईं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, उनमें संबंधित विभाग आपसी समन्वय से मौके पर जाकर समाधान सुनिश्चित करें।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की भी हुई समीक्षा
बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के समाधान में तेजी लाई जाए। वर्तमान में एल-1 स्तर पर 537 तथा एल-2 स्तर पर 115 शिकायतें लंबित हैं, जिनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।

