धनौरी/हरिद्वार(श्रवण गिरी)। धनौरी चौक और आसपास के क्षेत्र में कथित अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि खनन सामग्री से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लगातार आवाजाही से सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार सबसे चिंताजनक स्थिति स्कूल समय में देखने को मिलती है, जब भारी संख्या में खनन सामग्री से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर दौड़ती हैं। लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों के कारण स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। अभिभावकों में भी किसी बड़े हादसे की आशंका को लेकर चिंता व्याप्त है।जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि दिन ही नहीं, बल्कि रात के समय भी खनन सामग्री से भरे वाहनों का संचालन जारी रहता है। इसके चलते सड़क पर धूल-मिट्टी फैल रही है और सड़क की हालत लगातार बदतर होती जा रही है। भारी वाहनों के दबाव से सड़क कई स्थानों पर टूट चुकी है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि क्षेत्र में अवैध खनन नहीं हो रहा है तो इतनी बड़ी संख्या में खनन सामग्री से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां आखिर कहां से आ रही हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही किसी से छिपी नहीं है, फिर भी प्रभावी कार्रवाई न होने से जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में खनन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराने, खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों के परमिट और दस्तावेजों की जांच करने तथा स्कूल समय में भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन को शीघ्र प्रभावी कदम उठाने चाहिए।



