हरिद्वार(नीति शर्मा)। सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3 ज्वालापुर तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-18 कनखल का औचक निरीक्षण किया। डीएम के अचानक पहुंचने से विद्यालयों की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई। उन्होंने कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उनके शैक्षणिक स्तर का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे और मध्याह्न भोजन की उपलब्धता एवं गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा कि उन्हें नियमित रूप से भोजन मिल रहा है या नहीं तथा भोजन की गुणवत्ता कैसी है।

प्रधान अध्यापक सरिता रानी चौधरी ने जिलाधिकारी को बताया कि विद्यालय में कुल 334 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से निरीक्षण के दिन 204 विद्यार्थी उपस्थित मिले। विद्यालय में 12 शिक्षक कार्यरत हैं। इस दौरान जानकारी दी गई कि शिक्षक प्रमुद अहमद 4 फरवरी 2025 से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं।
जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भोजन को निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराने तथा बच्चों के भोजन में नियमित रूप से हरी सब्जियां शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने शिक्षकों से पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही अभिभावकों के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर बच्चों की शिक्षा, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति पर चर्चा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।


