देहरादून/ ऋषिकेश/ हरिद्वार/ श्रीनगर/ गोपेश्वर(ब्यूरों)। 31 अक्टूबर 2026 (30 अक्टूबर की रात/31 अक्टूबर दोपहर) को देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क से निकलकर अपने मित्र सूर्य की राशि सिंह में गोचर करने जा रहे हैं. जिसका राजनीतिक धर्म तथा लोगों के व्यक्तिगत जीवन पर गहरा असर पड़ेगा।
उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ”की गणना के अनुसार यह एक बेहद महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, क्योंकि सिंह राशि में पहले से ही केतु विराजमान हैं, जिससे यहां गुरु-केतु की युति बनेगी
इस बड़े राशि परिवर्तन का देश-दुनिया, राजनीति, धर्म और सभी 12 राशियों के व्यक्तिगत जीवन पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा
🏛️ देश, दुनिया और राजनीति पर प्रभाव
- सत्ता में वैचारिक बदलाव: सिंह राशि सत्ता, राजा और नेतृत्व का प्रतीक है। गुरु का इस राशि में आना दुनिया भर के बड़े राजनेताओं की कार्यशैली में बदलाव लाएगा। सरकारें कुछ कड़े और बड़े फैसले ले सकती हैं।
- राजनीतिक उठापटक व नए गठबंधन: सिंह राशि में गुरु और केतु की युति के कारण कई देशों की आंतरिक राजनीति में अस्थिरता या बड़े नेतृत्व परिवर्तन (तख्तापलट या वरिष्ठ नेताओं के पदों में फेरबदल) देखने को मिल सकते हैं.
- आर्थिक नीतियां: वैश्विक स्तर पर व्यापारिक और बैंकिंग नियमों में बड़े सुधार होंगे। शेयर बाजार और सोने-चांदी की कीमतों में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव आ सकता है।
📿 धर्म और अध्यात्म पर प्रभाव
- धार्मिक मतभेद और चर्चाएं: गुरु धर्म के कारक हैं और केतु मोक्ष व रहस्य के। इन दोनों की युति से समाज में धार्मिक चर्चाएं और शोध बढ़ेंगे। कट्टरता और सुधार: एक तरफ जहां कुछ धार्मिक मामलों को लेकर वैचारिक मतभेद या आंदोलन की स्थिति बन सकती है, वहीं दूसरी तरफ सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रति युवाओं का आकर्षण तेजी से बढ़ेगा। 12 राशियों पर व्यक्तिगत राशिफल
आचार्य दैवज्ञ के अनुसार गुरु का यह सिंह राशि में गोचर (जो जनवरी 2027 तक रहेगा) सभी 12 राशियों को इस प्रकार प्रभावित करेगा:
राशि गोचर का प्रभाव (करियर, धन और स्वास्थ्य)
मेष अत्यंत शुभ: संतान सुख मिलेगा। उच्च शिक्षा के रास्ते खुलेंगे और आकस्मिक धन लाभ के योग बनेंगे। नौकरी में पदोन्नति संभव है।
वृषभ मिश्रित: भूमि-वाहन का सुख मिलेगा। पारिवारिक जीवन में मतभेद हो सकते हैं व्यर्थ के झगड़ों में न पड़े और अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें।
मिथुन साहस में वृद्धि: पराक्रम बढ़ेगा और छोटे भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा। छोटी और लाभकारी यात्राओं के योग हैं। नए व्यापारिक संबंध बनेंगे।
कर्क धन लाभ: आपकी वाणी का प्रभाव बढ़ेगा। संचित धन (बैंक बैलेंस) में वृद्धि होगी। परिवार में कोई मांगलिक कार्य संपन्न हो सकता है।
सिंह मान-सम्मान: गुरु आपकी ही राशि में आ रहे हैं। निर्णय क्षमता मजबूत होगी और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। हालांकि, भ्रम और ओवरकॉन्फिडेंस से बचें।
कन्या
खर्चों में बढ़ोतरी: धार्मिक और मांगलिक कार्यों पर धन खर्च होगा। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े व्यापार में बड़ा लाभ मिल सकता है।
तुला
आय के नए स्रोत बनेंगे। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। संस्कृत से ताल्लुक रखने वाले किसी व्यक्ति से शत्रुता के बजाय मित्रता बढ़ाएं।
वृश्चिक
करियर में उछाल: कार्यक्षेत्र (नौकरी/बिजनेस) में बड़ा पद या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं।
धनु भाग्य का साथ: आपके अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे। मान-सम्मान और पिता के सहयोग में वृद्धि होगी।
मकर सावधानी जरूरी: स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें। ससुराल पक्ष से धन लाभ हो सकता है, लेकिन गुप्त शत्रुओं और अनपेक्षित खर्चों से सतर्क रहें।
कुंभ वैवाहिक सुख: जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर होंगे। यदि विवाह में देरी हो रही थी, तो बात पक्की हो सकती है। साझेदारी (Partnership) के बिजनेस में बड़ा मुनाफा होगा।
मीन
मिश्रित फल: विरोधियों और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। यदि पति पत्नी के बीच कोई गलतफहमी चल रही हो तो दोनों तरफ से माफी और प्रयास होने पर कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिलेगी, लेकिन कर्ज के लेन-देन से इस समय दूर रहें।


