हरिद्वार(श्रवण गिरी)। उत्तराखंड माटी कला बोर्ड में कुम्हार/प्रजापति समाज की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने तथा उपाध्यक्ष पद पर हुई नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग को लेकर कुम्हार/प्रजापति समाज के प्रतिनिधियों ने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि माटी कला बोर्ड का गठन पारंपरिक माटी शिल्पकारों, कुम्हार एवं प्रजापति समाज के आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक उत्थान के उद्देश्य से किया गया था। ऐसे में बोर्ड के महत्वपूर्ण पदों पर समाज से जुड़े योग्य एवं समर्पित व्यक्तियों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि बोर्ड अपने मूल उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सके।
समाज के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि हाल ही में बोर्ड के उपाध्यक्ष पद पर की गई नियुक्ति से समाज में व्यापक असंतोष व्याप्त है। उनका कहना है कि यह नियुक्ति बोर्ड गठन की मूल भावना के अनुरूप नहीं है, जिससे कुम्हार/प्रजापति समाज स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है।
प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उपाध्यक्ष पद पर की गई नियुक्ति पर पुनर्विचार करते हुए कुम्हार/प्रजापति समाज से जुड़े किसी योग्य, अनुभवी एवं समर्पित व्यक्ति को इस पद पर नियुक्त किया जाए। उनका कहना है कि इससे समाज का विश्वास बढ़ेगा तथा सरकार की सामाजिक न्याय एवं सहभागिता की भावना को भी बल मिलेगा।
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने समाज की मांगों को उचित मंच तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन पर समाज के कई पदाधिकारियों एवं सदस्यों के हस्ताक्षर भी अंकित हैं।





