हरिद्वार (श्रवण गिरी)।बढ़ते तापमान और बदलते मौसम को देखते हुए वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने पशुपालकों को पशुओं की उचित देखभाल के लिए जागरूक किया है। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में पशुओं को दिन में तीन से चार बार स्वच्छ और साफ पानी अवश्य पिलाया जाए, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
डॉ. कुमार ने बताया कि बेहतर पशु पैदावार और अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए मादा पशुओं का उच्च नस्ल के नर पशुओं के स्पर्म से कृत्रिम गर्भाधान कराया जाना लाभकारी है। इससे उत्पन्न संतति में उन्नत लक्षण विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि देशी नस्ल के पशु जहां बीमारियों के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं, वहीं विदेशी नस्लों के साथ संकरण से दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि कृत्रिम गर्भाधान एक सरल और सस्ती प्रक्रिया है, जिसका अधिक से अधिक लाभ उठाया जाना चाहिए। साथ ही देशी नस्लों के संरक्षण के लिए श्रेष्ठ वंशावली वाले पशुओं का चयन आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त पशुओं को समय-समय पर पेट के कीड़ों की दवाई देना और नियमित टीकाकरण कराना भी बेहद जरूरी है, जिससे पशु स्वस्थ रहकर बेहतर उत्पादन दे सकें।

